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जमीन अधिग्रहण को लेकर मलिकपुर, वजीदपुर और ईशामपुर के किसानों का विरोध बढ़ता जा रहा है। किसानों ने अपनी जमीनों को अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल किए जाने के विरोध में आज चंडीगढ़ कुराली रोड जाम कर प्रदर्शन किया। मलिकपुर निवासी किसान रमन ने आरोप लगाया कि उनकी उपजाऊ जमीन को ग्रीन बेल्ट में शामिल किया गया है, जबकि उनके साथ लगती नदी और उसके आसपास की जमीन को आर-जोन में रखा गया है। किसानों का कहना है कि उन्हें अधिग्रहण से जुड़ी आपत्तियों पर अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। तीन गांवों की जमीनें अधिग्रहण के दायरे में किसानों के अनुसार, मलिकपुर, वजीदपुर और ईशामपुर गांवों की जमीनें अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल की जा रही हैं। किसानों का कहना है कि जमीनों के इस्तेमाल को लेकर जोनिंग में किए गए बदलाव से उनकी उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी। उपजाऊ जमीन को ग्रीन बेल्ट में डाल दिया गया है, जबकि नदी वाले हिस्से को आर-जोन में शामिल किया गया है। उनका दावा है कि नदी करीब 20 फीट गहरी है, फिर भी उसे आर-जोन में रखा गया है। एजुकेशन जोन को लेकर भी उठाए सवाल किसानों ने जमीनों की जोनिंग को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पहले करतारपुर में रखा गया एजुकेशन जोन अब ईशामपुर और मलिकपुर की तरफ कर दिया गया है। किसानों का आरोप है कि इस तरह के बदलावों से स्थानीय किसानों की जमीनों पर सीधा असर पड़ रहा है। GAMADA की प्रक्रिया पर किसानों ने उठाए सवाल जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया GAMADA की नई पॉलिसी के तहत चल रही है। उन्होंने एयरपोर्ट रोड के आसपास पहले हुए करीब 3,500 एकड़ जमीन अधिग्रहण का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी किसान लगातार धरने और प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसान GAMADA अधिकारियों के पास अपनी आपत्तियां लेकर जाते हैं तो उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। किसानों ने अपनी आपत्तियां भी जमा करवाई हैं, लेकिन उनका कहना है कि अब तक उन पर कोई जवाब नहीं दिया गया। किसानों का दावा- जमीन का सर्वे तक नहीं हुआ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अधिग्रहण प्रक्रिया में जमीनों के सर्वे को लेकर भी सवाल उठाया है। रमन का दावा है कि मलिकपुर, वजीदपुर और ईशामपुर में किसानों की जमीनों का सर्वे किए बिना ही अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि तीनों गांवों के किसान मौके पर मौजूद हैं और किसी भी किसान से पूछा जा सकता है कि क्या संबंधित अधिकारी सर्वे के लिए मौके पर पहुंचे थे। DC से बैठक के बाद तय होगा अगला कदम प्रदर्शन के बाद किसानों ने फिलहाल धरना उठा लिया है। कल DC के साथ किसानों की बैठक तय है। किसानों को उम्मीद है कि बैठक में उनकी जमीनों और अधिग्रहण से जुड़े सवालों का समाधान निकलेगा। कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेंगे- गिल बीजेपी नेता रंजीत गिल ने जमीनों की जोनिंग और अधिग्रहण को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक बड़ा माफिया पहले उपजाऊ या प्राइम जमीन को ग्रीन बेल्ट अथवा एजुकेशन जोन में डलवाता है। इसके बाद जमीन की कीमत कम होने पर बड़ी कंपनियों के माध्यम से उसे खरीदा जाता है और बाद में जोन बदलकर रिहायशी या कमर्शियल कर दिया जाता है। उन्होंने करतारपुर गांव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एजुकेशन जोन में शामिल जमीन करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपए में खरीदी गई और बाद में आर-जोन बनने पर इसकी कीमत 10 से 12 करोड़ रुपए प्रति किला तक पहुंच गई। गिल ने कुराली में भी बिल्डरों से जुड़ी जमीनों की जोनिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल में कुछ स्थानीय लोग और अधिकारी भी शामिल हैं। पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज राज्य में जगह-जगह धरने और प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने नशे, गैंगस्टरवाद और बढ़ते कर्ज को लेकर भी सरकार को घेरा। गिल ने किसानों को भरोसा दिलाया कि बीजेपी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसानों के आगामी धरने या कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेंगे।
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