सिरसा के कालांवाली से बीजेपी नेता टिशू प्रधान प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता और मंत्री कमलेश ढांडा से मिलते हुए
डबवाली से बीजेपी जिलाध्यक्ष के साथ सियासी खिंचतान के बीच अचानक बीजेपी नेता टिशू प्रधान ने बीजेपी की नई प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता से उनके निवास स्थान पर जाकर मुलाकात की है। साथ ही कैबिनेट मंत्री कमलेश ढांडा से मुलाकात की और प्रधानमंत्री का मन की बात
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सूत्रों की मानों तो टिशू प्रधान ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष से मुलाकात के दौरान डबवाली संगठन में गुटबाजी पर चर्चा की और कुछ बदलाव के संकेत नजर आ सकते हैं। अब तक दोनों नेताओं के बीच आपसी विरोधाभास चल रहा था। अब खुलेआम मीडिया के समक्ष बयानबाजी शुरू हो गई है। अर्चना गुप्ता का प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद 30 जून को डबवाली में पहला दौरा है। इससे पहले टिशू प्रधान का दो बार मिलना बदलाव की ओर इशारे करता है।
टिशू प्रधान पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर भी अधिक एक्टिव है और हर रोज नई-नई पोस्ट शेयर कर रहे हैं। अब तो डबवाली प्रधान बदलने की भी पार्टी प्रदेशाध्यक्ष को नसीहत दे चुके हैं। इसे लेकर पोस्ट भी डाली है। पोस्ट में मंत्री बेदी और प्रदेशाध्यक्ष के फोटो है, परंतु रेणू शर्मा का फोटो गायब है। चुनावी हार के बाद एक बार फिर टिशू खुद को राजनीति में जिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

टिशू प्रधान की ओर से डाली गई पोस्ट, जो काफी कुछ कह रही
मंत्री बेदी के करीबियों में
टिशू प्रधान कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के करीबियों में हैं। टिशू को बीजेपी में ज्वॉइन कराने और नगर पालिका चेयरमैन पद के चुनाव में उम्मीदवार बनाने में मंत्री बेदी का ही हस्तक्षेप रहा। टिशू पहले भी चुनाव लड़ चुका था और मंडी आढ़तियों के साथ नजदीकियां थी। ऐसे में उसे उम्मीदवार बनाया गया।

कालांवाली में डबवाली जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा मीडिया को बयान में आरोपों पर सफाई देते हुए
हालांकि, टिशू प्रधान संगठन में परिवारवाद और खुद को संगठन में तवज्जों न मिलने की बात कह चुके हैं। डबवाली जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा ने भी दो दिन पहले कालांवाली रेस्ट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस कर इन आरोपों पर सफाई दी थी और कहा था कि कोई परिवारवाद नहीं है। उनको सब का साथ मिला है और उनके देवर को संगठन ने जिम्मेदारी दी है। भ्रष्टाचार पर भी कहा कि उसने किसी से एक पैसा नहीं लिया है। जो लोग ये बात कहते हैं, वो करते होंगे।
नगर पालिका चुनाव में मंत्री बेदी ने टिशू के पक्ष में ताकत झोंकी, पर हार मिली
गौरतलब है कि पिछले वर्ष कालांवाली नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने सुनील गर्ग उर्फ टीशू प्रधान को चेयरमैन पद का उम्मीदवार बनाया था। टिकट को लेकर भाजपा और हलोपा कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी और गुटबाजी भी सामने आई थी। चुनाव प्रचार में कई मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता पहुंचे, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार महेश झोरड़ ने टीशू प्रधान को 1029 मतों से पराजित कर दिया था।
जीत के बाद महेश झोरड़ ने इसका श्रेय कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला और सांसद कुमारी सैलजा को दिया था। अब एक बार फिर संगठन के भीतर परिवारवाद और उपेक्षा के मुद्दे पर भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी ने स्थानीय राजनीति को गर्मा दिया है। इस चुनाव में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने खूब ताकत झोंक दी थी, पर कुछ असर नहीं दिखा। उस समय सिरसा की कमान मंत्री बेदी के पास ही थी।







