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हरियाणा कांग्रेस के भीतर गुटबाजी, आपसी खींचतान और बिना शीर्ष नेतृत्व की जानकारी के समानांतर कार्यक्रम आयोजित करने वाले नेताओं पर प्रदेश नेतृत्व ने पूरी तरह से नकेल कस दी है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) के नवनियुक्त अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने एक बेहद सख्त और अनुशासनात्मक पत्र जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब पार्टी में किसी भी तरह की मनमर्जी नहीं चलेगी। पार्टी के प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद के निर्देशों का हवाला देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने साफ किया है कि प्रदेश में किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, रैली या राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (चंडीगढ़) से ‘लिखित और आवश्यक अनुमति’ लेना अनिवार्य होगा। यहां देखिए लेटर की कॉपी… इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई 1. कार्यक्रमों के लिए जिला अध्यक्ष के जरिए लेनी होगी मंजूरी: चंडीगढ़ मुख्यालय से जारी पत्र के अनुसार, यदि कोई भी नेता या कार्यकर्ता किसी सांगठनिक या राजनीतिक कार्यक्रम, धरने या रैली का आयोजन करना चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपने संबंधित जिला कांग्रेस अध्यक्ष (DCC President) के माध्यम से प्रस्तावित कार्यक्रम का पूरा ब्योरा प्रदेश कार्यालय को भेजना होगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही कार्यक्रम की सार्वजनिक घोषणा की जा सकेगी। 2. पोस्टर-बैनर में ‘फोटो’ का प्रोटोकॉल तय: अक्सर देखा जाता है कि रैलियों या प्रदर्शनों के दौरान स्थानीय नेता अपने पसंदीदा गुट के नेताओं की तस्वीरें बड़ी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें गायब या छोटी कर देते हैं। इस ‘पोस्टर वॉर’ को खत्म करने के लिए सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी प्रचार सामग्री, बैनर या पोस्टर में पार्टी नेताओं के चित्र सांगठनिक वरिष्ठता और तय प्रोटोकॉल के अनुरूप ही लगाए जाएं। क्यों पड़ी इस कड़े पत्र की जरूरत? पार्टी सूत्रों की मानें तो पिछले कुछ समय से हरियाणा कांग्रेस के कई दिग्गज और स्थानीय नेता बिना प्रदेश संगठन को विश्वास में लिए अपने स्तर पर रैलियां और प्रदर्शन कर रहे थे। इसके अलावा बैनर-पोस्टरों से प्रदेश स्तरीय नेताओं की तस्वीरें गायब रहने की शिकायतें भी लगातार आलाकमान तक पहुंच रही थीं। इस अनुशासनहीनता से जनता के बीच पार्टी की गुटबाजी खुलकर सामने आ रही थी। संगठन में अनुशासन, बेहतर समन्वय और गरिमा बनाए रखने के लिए ही राव नरेंद्र सिंह को यह ‘हंटर’ चलाना पड़ा है। इन सभी दिग्गजों को भेजा गया है फरमान यह पत्र हरियाणा कांग्रेस के सभी छोटे-बड़े धड़ों और नेताओं को सामूहिक रूप से भेजा गया है, जिसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष। पार्टी के सभी मौजूदा व पूर्व सांसद और विधायक। अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य। सभी जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के हरियाणा से जुड़े पदाधिकारी और सदस्य। लोकसभा, विधानसभा, निगम और स्थानीय निकाय चुनावों के पार्टी प्रत्याशी व बी.एल.ए.-1। पार्टी के सभी अग्रिम संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के राज्य स्तरीय प्रमुख। केसी वेणुगोपाल और प्रभारी हरिप्रसाद को भेजी गई कॉपी इस फैसले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस आदेश की कॉपी सीधे एआईसीसी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद और सह-प्रभारी जितेन्द्र बघेल व प्रफुल्ल गुदधे को भेजी गई है, ताकि अनुशासनहीनता करने वाले किसी भी नेता पर सीधे दिल्ली से भी कार्रवाई की जा सके।
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कांग्रेस में पोस्टर वॉर और मनमर्जी पर हाईकमान सख्त:बिना मंजूरी रैली और धरना-प्रदर्शन करने पर रोक; बैनर-पोस्टर पर फोटो प्रोटोकॉल से लगेगी







