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ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट रंजीत 6 माह डिटेंशन सेंटर में रहा:ड्रग्स केस में पकड़ा, थाने नहीं गया; बोला- नशे की आदत पड़ गई थी




ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट होकर 9 पंजाबी अपने घर पहुंच गए। इनमें लुधियाना का रंजीत सिंह शामिल है। वह परिवार के पास पहुंच गया लेकिन अभी बात करने की हालत में नहीं है। परिवार-गांव के लोगों ने भी चुप्पी साध रखी है। ऑस्ट्रेलियन मीडिया रिपोर्ट की मानें तो रंजीत सिंह 2024 में ड्रग केस में पकड़ा गया। इसके बाद उसे 6 माह डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। उसे पहले भी डिपोर्ट करने की कोशिश हुई लेकिन वह राजी नहीं हुआ। अब जबरन भेजा गया है। दिल्ली एयरपोर्ट से खन्ना पुलिस उसे लेकर आई। फिर उसे परिवार के हवाले कर दिया। रंजीत का दावा है कि उस सेंटर में 4-5 पंजाबी युवक और हैं, उन्हें भी जल्द डिपोर्ट कर दिया जाएगा। लुधियाना में खन्ना के गांव मुशकाबाद का रंजीत ऑस्ट्रेलिया कैसे पहुंचा, उसे डिपोर्ट कैसे किया गया, उसने पुलिस-परिवार को क्या बताया, ये सब जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… स्टडी वीजा पर गया, काम करने लगा, शादी भी की
नाम न छापने की शर्त पर उसके गांव के लोगों ने बताया- रंजीत सिंह 2014 में स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था। ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के साथ काम करता रहा। 9 साल तक लगातार ऑस्ट्रेलिया में रहा। पढ़ाई के बाद वह वर्क परमिट पर वहीं काम करने लगा। गांव के लोगों का कहना है कि रंजीत सिंह 2023 में ऑस्ट्रेलिया से घर आया और शादी की। शादी के कुछ महीने बाद दोबारा ऑस्ट्रेलिया चला गया। वहां जाकर वो फिर से काम करने लगा। नशा तस्करी करते पकड़ा गया, वीजा रद्द, डिटेंशन सेंटर में डाला
ऑस्ट्रेलियन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2023 में ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद वो नशा तस्करों के संपर्क में आ गया। 2024 में वह हेरोइन और मेथमफेटामाइन (Ice) जैसे ड्रग्स की तस्करी व चोरी के केस में गिरफ्तार हुआ। जमानत हुई लेकिन वो जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता रहा। रंजीत सिंह लगातार जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर रहा था। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने उसको डिटेन कर योंगा हिल के इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा। वहां भी उसका व्यवहार अच्छा नहीं रहा। ऑस्ट्रेलियन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2025 में भी रंजीत सिंह को डिपोर्ट करने की कोशिश की गई थी लेकिन तब उसने भारत आने से मना कर दिया। ऑस्ट्रेलिया सरकार उस पर लगातार देश लौटने का दबाव बनाती रही। रंजीत सिंह बार-बार विरोध करता रहा लेकिन इस बार ऑस्ट्रेलिया सरकार ने उसे जबरन 14 अन्य भारतीयों के साथ डिर्पोट कर दिया। एक मई को समराला पुलिस पटियाला से रंजीत सिंह लेकर आई और उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। रंजीत सिंह ने पुलिस को क्या बताया
रंजीत सिंह ने समराला पुलिस को बताया कि उसने ऑस्ट्रेलिया से होटल मैनेजमेंट व एमबीए किया है। डीएसपी समराला प्रितपाल सिंह ने बताया कि वह होटल इंडस्ट्री में काम करता था और अच्छे पैसे कमाता था। पुलिस पूछताछ में रंजीत सिंह ने बताया कि उसे नशे की आदत पड़ गई थी। वह नशा करते हुए पकड़ा गया और उसे जेल हो गई। जमानत हुई लेकिन वो काम में व्यस्त होने के कारण थाने में हाजिरी नहीं लगवा पाया। जब वो थाने से गैरहाजिर हुआ तो पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और उसका वीजा रद्द कर दिया। उसके बाद उसे इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रख दिया। योंगा हिल के डिटेंशन सेंटर में हैं पंजाबी युवक
रंजीत सिंह ने अपने गांव के पूर्व सरपंच मालविंदर सिंह लवली को बताया कि ऑस्ट्रेलिया के योंगा हिल इमिग्रेशन सेंटर में चार-पांच पंजाबी युवक हैं। उन्हें भी डिपोर्ट करने की तैयारी चल रही है। जल्दी ही ऑस्ट्रेलिया सरकार उन्हें भी डिपोर्ट कर रही है। हालांकि रंजीत सिंह ने अभी तक ऑस्ट्रेलिया में अपने बारे में किसी को नहीं बताया। दैनिक भास्कर ने जब उससे बात करने की कोशिश की तो परिवार ने कह दिया कि उसकी मानसिक स्थिति अभी ठीक नहीं है। उसके पिता जसबीर सिंह ने भी कहा कि बेटा वापस आ गया, उनके लिए यही बड़ी खुशी की बात है। उन्हें मीडिया से बात नहीं करनी है। डिपोर्ट किए सभी एक ही डिटेंशन सेंटर में थे
ऑस्ट्रेलिया सरकार ने जिन लोगों को डिपोर्ट करके भारत भेजा है वो सभी योंगा हिल इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में थे। ज्यादातर लोगों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज थे और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। उन्होंने जमानत करवाई लेकिन जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते रहे। उसके बाद सरकार ने ऐसे लोगों को डिटेन करके इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर योंगा हिल में रखा गया। जिन 9 पंजाबियों को डिपोर्ट किया गया, उनके बारे में जानिए… जसवंत सिंह: ऑस्ट्रेलियन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जसवंत सिंह पर नशा, हथियार, नशे में ड्राइविंग व चोरी जैसे संगीन मामले थे। ऑस्ट्रेलिया की पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। उसकी जमानत हुई लेकिन उसने जमानत शर्तों का उल्लंघन किया। उसे भी योंगा हिल इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा गया। इसे भी वहां से डिपोर्ट करने के कई बार प्रयास किए गए।
वीजा: 2016 में टूरिस्ट वीजा पर गया। स्टडी वीजा अप्लाई किया (रिजेक्ट), बाद में ब्रिज वीजा मिला। 2020-2023 के बीच 2-3 महीने जेल, शुरुआत में 6 महीने डिटेंशन, 2024 में फिर गिरफ्तार — दो साल डिटेंशन सेंटर में रहा। अंग्रेज सिंह : अंग्रेज सिंह के खिलाफ कई फ्रॉड मामले, ड्रग अपराध, ट्रेसपासिंग और चोरी की संपत्ति रखना केमामले दर्ज थे। उसने काउंसलर की सहायता लेने से भी इनकार कर दिया था। उसके बाद उसे भी पुलिस ने योंगा इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा।
वीजा: 2018 में शादी के बाद फरवरी 2019 में स्पाउस वीजा पर गया (पत्नी नवंबर 2018 में पहुंची)। 2025 में तलाक के बाद डिटेंशन सेंटर ट्रांसफर। सतिंदरजीत सिंह शेरगिल : सतिंदर जीत सिंह शेरगिल पर ऑस्ट्रेलिया में घरेलू हिंसा, आदेशों का बार-बार उल्लंघन, हमला और पुलिस के खिलाफ अपराध जैसे संगीत मामले हैं। वो ऑस्ट्रेलिया के मैलबार्न में रहता था।
वीजा: 2019 में बहन के जरिए टूरिस्ट वीजा पर गया, बाद में स्टडी वीजा मिला। हरप्रीत सिंह सिद्धू: हरप्रीत संधू पर भी ड्रग तस्करी, मेथामफेटामाइन रखना, फ्रॉड, चोरी, ट्रेसपासिंग, जमानत उल्लंघन और पुलिस को झूठी जानकारी देने जैसे संगीत मामले थे। इसे पुलिस ने इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा था।
वीजा: अमृतसर के एजेंट के जरिए 2014 में पर्थ स्टडी वीजा पर गया (2021 में एक्सपायर), एक्सटेंशन रिजेक्ट। तीन साल डिटेंशन सेंटर में रहा। जगजीत सिंह सिद्धू : जगजीत सिंह सिद्धू ने के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में वाहन चोरी, जाली दस्तावेजों का उपयोग और चोरी की संपत्ति संभालना जैसे अपराध दर्ज हैं। उसने भी योंगा हिल डिटेंशन सेंटर में रखा गया। उसको भी पहले डिपोर्ट करने का प्रयास किया गया लेकिन इसने यहयोग नहीं दिया।
वीजा: 2009 में 12वीं के बाद मेलबर्न में कोर्स के लिए स्टडी वीजा पर गया। जेल की सजा काटी, नवंबर 2025 में डिटेंशन सेंटर शिफ्ट। जसप्रीत सिंह : जसप्रीत सिंह के खिलाफ दुकान में चोरी , ड्रग रखना, हमला, जमानत उल्लंघन और घरेलू हिंसा से संबंधित गंभीर आरोप हैं। हालांकि इस पर अभी दोष सिद्ध नहीं हुए। पुलिस ने इसे डिटेन करके मैलबॉर्न में रखा था और वहीं से उसे डिपोर्ट किया गया।
वीजा: 2014 में स्टडी वीजा पर गया (2017 में खत्म), बाद में प्रोटेक्शन वीजा और ब्रिज वीजा मिला। अगस्त 2025 में दोबारा गिरफ्तार। 2-3 महीने जेल, 7-8 महीने डिटेंशन सेंटर। कंवलजीत सिंह : कंवलजीत सिंह के खिलाफ ड्रग रखना, 2000 डॉलर से अधिक मूल्य की दुकान में चोरी, वाहन चोरी, सार्वजनिक स्थान पर चाकू रखना और हिरासत से भागने का प्रयास जैसे गंभीर मामने हैं।
वीजा: जानकारी नहीं मिली। रंजीत सिंह : रंजीत सिंह के खिलाफ हेरोइन और मेथामफेटामाइन रखना, चोरी और बार-बार जमानत उल्लंघन करने जैसे आरोप थे। पुलिस ने आरोपी को योंगा हिल इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा था। पहले भी इसे डिपोर्ट करने की कोशिश की गई।
वीजा: मोहाली के एजेंट के जरिए 2014 में स्टडी वीजा (2 साल का, बाद में अगस्त 2025 तक एक्सटेंडेड)। दिसंबर 2024 में डिटेंशन सेंटर भेजा गया। हरप्रीत सिंह : हरप्रीत सिंह पर पुलिस पर हमला, स्टॉकिंग, धमकी, प्रतिबंध आदेशों का उल्लंघन और एक बच्चे से संबंधित यौन अपराध जैसे गंभीर मामले दर्ज थे। इसे भी मैलबॉर्न में रखा गया था और इसका भी वीजा रद्द करके डिपोर्ट कर दिया गया।
वीजा: स्टडी वीजा पर 2008 में ऑस्ट्रेलिया गया। 2016 में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक से शादी की, दो बच्चे हुए। 2021 में सिडनी शिफ्ट हुआ। 2023 में तलाक हो गया। 2025 से डिटेंशन सेंटर में था। जेल भी हो चुकी।



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