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नई दिल्ली से मेलबर्न जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-308) रविवार को निर्धारित समय से 6 घंटे देरी से उड़ी। हैरान करने वाली बात यह रही कि यात्रियों को रात 2:30 बजे ही विमान के अंदर बैठा दिया गया था, जिसके बाद वे लगभग 6 घंटे तक बिना किसी स्पष्ट जानकारी के अंदर ही फंसे रहे। इस अव्यवस्था को लेकर हिसार के अधिवक्ता विकास बिश्नोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री और एयर इंडिया को टैग करते हुए कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद एयरलाइन ने इसे ऑपरेशनल कारण बताते हुए आंतरिक समीक्षा का आश्वासन दिया है। अधिवक्ता विकास बिश्नोई की बेटी देवांशी बिश्नोई इसी फ्लाइट में सोलो फीमेल ट्रैवलर के तौर पर सफर कर रही हैं। यात्रियों को लगातार 6 घंटे तक विमान के भीतर एक ही सीट पर बैठाए रखा गया। इस थकावट के बाद आगे 12 घंटे की नॉन-स्टॉप उड़ान भी थी। फोन पर अपना दर्द साझा करते हुए देवांशी ने बताया- तय शेड्यूल के मुताबिक मुझे ऑस्ट्रेलिया के समयानुसार शाम 7:40 बजे मेलबर्न पहुंचना था। लेकिन इस देरी की वजह से अब मैं आधी रात को 12:50 बजे वहां उतरूंगी। किसी अनजान देश में आधी रात को अकेले लैंड करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक और मानसिक रूप से तनाव देने वाला है। बुजुर्ग दंपती भी रहे परेशान, 6 घंटे तक एक ही सीट पर बैठे रहे यात्री देवांशी ने बताया कि विमान में बड़ी संख्या में बुजुर्ग यात्री भी सवार थे, जो अपने परिवारों से मिलने ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे। उनकी बगल की सीट पर केरल का एक बुजुर्ग दंपती बैठा था, जो इस लंबे इंतजार से बुरी तरह थक चुका था। लगातार कई घंटों तक एक ही सीट पर बंद रहना यात्रियों के लिए किसी सजा जैसा बन गया था। सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, एयर इंडिया ने दी सफाई अधिवक्ता विकास बिश्नोई ने इस पूरे घटनाक्रम को यात्रियों के लिए कष्टदायक बताते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और टाटा समूह को टैग कर सख्त कार्रवाई की मांग की। मले पर एयर इंडिया ने आधिकारिक जवाब जारी करते हुए कहा कि उड़ान ऑपरेशनल (तकनीकी/परिचालन) कारणों से लेट हुई थी। एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद जताते हुए शिकायतों को आंतरिक समीक्षा के लिए दर्ज कर लिया है। अधिवक्ता ने एयर इंडिया के कुप्रबंधन पर उठाए सवाल हिसार के अधिवक्ता विकास बिश्नोई ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में एयर इंडिया के कुप्रबंधन पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा इंटरनेशनल फ्लाइट के नियमों के मुताबिक यात्रियों को 3 घंटे पहले चेक-इन करना होता है। बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी यात्रियों ने रात 10:45 बजे ही एयरपोर्ट पर एंट्री कर ली थी। इसके बाद बोर्डिंग गेट पर लंबा इंतजार कराया गया और रात 2:30 बजे सामान्य रूप से बोर्डिंग भी करवा दी गई। असली दिक्कत तब शुरू हुई जब बोर्डिंग के बाद यात्रियों को लगातार 6 घंटे तक विमान के भीतर एक ही सीट पर बैठाए रखा गया। इस थकावट के बाद आगे 12 घंटे की नॉन-स्टॉप उड़ान भी थी। कुल मिलाकर 22-24 घंटे का यह सफर यात्रियों को शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ देने वाला था।
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एडवोकेट की बेटी फ्लाइट में फंसी, PMO से की शिकायत:हिसार की देवांशी को दिल्ली से मेलबर्न जाना था; 6 घंटे नहीं उड़ा प्लेन







