चंडीगढ़ की उपिंदर कौर सेखों ने ब्रेन ट्यूमर और मेनिनजाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों को मात देकर 38वीं मलेशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 4 पदक जीतकर भारत और चंडीगढ़ का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता के बाद वह अब चंडीगढ़ लौट आई हैं। उपिंदर कौर सेखों मंत्री विक्रमादित्य की सास हैं। उपिंदर कौर ने डिस्कस थ्रो और 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीते, जबकि 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धाओं में रजत पदक हासिल किए। उनकी इस उपलब्धि की पूरे ट्राइसिटी में चर्चा हो रही है और खेल प्रेमी उनकी सफलता की सराहना कर रहे हैं। 3 पाइंट में जानिए उपिंदर कौर की बताई बातें मलेशिया जाने से पहले ही कर लिया था लक्ष्य तय उपिंदर कौर ने बताया कि मलेशिया रवाना होने से पहले ही उन्होंने खुद से वादा कर लिया था कि खाली हाथ वापस नहीं लौटेंगी। प्रतियोगिता में एक खिलाड़ी अधिकतम चार स्पर्धाओं में हिस्सा ले सकता था। ऐसे में उन्होंने चारों इवेंट्स में नामांकन कराया और अपने परिवार व दोस्तों से पहले ही कह दिया था कि वह चार मेडल जीतकर ही लौटेंगी। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास रंग लाया व उन्होंने चारों स्पर्धाओं में पदक जीतकर अपना लक्ष्य हासिल कर लिया। 150 से ज्यादा मेडल, फिर भी हर मेडल खास उपिंदर कौर के पास विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के 150 से अधिक पदक हैं। उनके लिए हर मेडल उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना पहला मेडल। वह अपने मेडल्स को बेहद संभालकर रखती हैं। इसके पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। उपिंदर बताती हैं कि उन्होंने एक बार एक ओलंपियन खिलाड़ी की कहानी पढ़ी थी, जिसका गोल्ड मेडल यात्रा के दौरान सामान चोरी होने पर खो गया था। तभी से उन्होंने तय कर लिया कि मेडल कभी भी सामान के साथ नहीं रखेंगी। आज भी वह प्रतियोगिताओं में जीते मेडल अपने छोटे पर्स में रखती हैं और उन्हें अपने से अलग नहीं होने देतीं।
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