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जींद जिले में उचाना उपमंडल कार्यालय और नागरिक अस्पताल परिसर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इससे मरीजों, उनके परिजनों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने हाथों में खाने-पीने का सामान लेकर निकलने से भी कतराने लगे हैं, क्योंकि कई बार बंदर उनके हाथों से सामान छीन लेते हैं। नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि बंदर अस्पताल परिसर में दिनभर घूमते रहते हैं। बंदरों को भगाने के लिए नागरिक अस्पताल के पास पुरानी बिल्डिंग, जहां आयुर्वेदिक अस्पताल चलता है, वहां एक लंगूर का पोस्टर लगाया गया है। यह माना जाता है कि लंगूर की तस्वीर देखकर बंदर उस क्षेत्र से दूर रहते हैं। लोगों ने की समस्या के समाधान की मांग हालांकि, उपमंडल कार्यालय में काम करवाने आने वाले लोगों को भी बंदरों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि केवल पोस्टर लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। बंदरों का आतंक लगातार बना हुआ है और उनकी संख्या में भी कमी नहीं आ रही है। मंजीत, सुनील, राजबीर और मनोज सहित कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए और इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब तक बंदरों को हटाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक आमजन और मरीजों को इसी प्रकार परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। एसडीएम बोले- नगर पालिका प्रशासन से करेंगे बात लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर उपमंडल कार्यालय और नागरिक अस्पताल परिसर को बंदरों के आतंक से मुक्त कराने की अपील की है, ताकि आमजन बिना किसी भय के अपने कार्य कर सकें और मरीजों को भी राहत मिल सके। इस संबंध में एसडीएम रमित यादव ने बताया कि बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन से बातचीत की जाएगी।
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उचाना अस्पताल में बंदरों का आतंक:भगाने के लिए लगाया लंगूर का पोस्टर, हाथ में सामान लेकर निकलने से कतरा रहे लोग







