spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

अब रजिस्ट्री होते ही खुद-ब-खुद दर्ज होगा इंतकाल:हिसार में पेपरलेस रजिस्ट्री का दूसरा चरण शुरू; दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे




हिसार जिले की तहसीलों में अब जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल के लिए नागरिकों को अलग-अलग धक्के नहीं खाने होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली’ के दूसरे चरण का शुभारंभ कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया को एक-दूसरे से लिंक कर दिया गया है। यानी रजिस्ट्री होते ही इंतकाल के लिए अलग से आवेदन करने की झंझट खत्म हो जाएगी। बता दें कि प्रदेश में 1 नवंबर 2025 को पेपरलेस रजिस्ट्री का पहला चरण लागू किया गया था। अब कुछ और बड़े सुधारों के साथ इसका दूसरा फेज शुरू किया गया है। इस बदलाव के तुरंत बाद हिसार के डीसी)महेंद्र पाल ने सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की अहम बैठक ली। डीसी ने राजस्व अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि आगामी 15 दिनों के भीतर सभी लंबित इंतकालों का निपटारा सुनिश्चित किया जाए। पेंडेंसी खत्म करने के लिए यदि आवश्यकता पड़े, तो छुट्टी के दिनों में भी विशेष शिविर लगाए जाएं। बिना विभाजन वाले मामलों में 24 घंटे के भीतर मंजूर होगा इंतकाल बैठक में उपायुक्त महेंद्र पाल ने अधिकारियों को समय-सीमा तय करते हुए दिशा-निर्देश जारी किए। डीसी ने बताया कि जिन मामलों में खेवट विभाजन (बंटवारे) की जरूरत नहीं है, उनमें रजिस्ट्री के 24 घंटे के भीतर इंतकाल मंजूर करना होगा। जिन मामलों में खेवट विभाजन जरूरी है, उनका निपटान अधिकतम 10 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था में नागरिकों को ये 5 बड़ी सहूलियतें मिलेंगी घर बैठे डाउनलोड होगा इंतकाल: नागरिक अब अपने इंतकाल (इंतकाल की स्थिति) का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। साथ ही इसकी कॉपी ऑनलाइन डाउनलोड और प्रिंट भी की जा सकती है। आधार e-KYC अनिवार्य: धोखाधड़ी रोकने के लिए रजिस्ट्री के समय दोनों पक्षों (क्रेता और विक्रेता) का आधार ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे पहचान की तुरंत पुष्टि हो सके। एक से अधिक प्रतिनिधि की छूट: यदि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआई (NRI) रजिस्ट्री के समय खुद दफ्तर में उपस्थित नहीं हो सकता, तो वह अब अपनी जगह एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर सकेगा। ऑनलाइन होगी NOC की जांच: अब डीटीपी (DTP) और एनओसी (NOC) के लिए अलग से कागजात देने की जरूरत नहीं होगी। इसका विभागीय सत्यापन (Verification) पूरी तरह ऑनलाइन ऑटो-मोड पर होगा। सरल हुआ फॉर्म, डिजिटल सिग्नेचर लागू: रजिस्ट्री के लिए आवेदन फॉर्म को पहले से काफी आसान बना दिया गया है। नई प्रणाली में डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सिस्टम को पूरी तरह लागू किया गया है। अब डीड (Deed) को नागरिक खुद, डीड राइटर, अधिवक्ता या हेल्प डेस्क के माध्यम से ऑनलाइन भर सकेंगे। इसके अलावा आरसी-1 और आरसी-2 के कार्यों को भी मर्ज (इकट्ठा) कर दिया गया है।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles