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हरियाणा में निकाय चुनाव के बीच अंबाला से भाजपा की मेयर उम्मीदवार अक्षिता सैनी के पति कुलदीप सैनी ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कुलदीप ने एक वीडियो जारी कर कहा, “अक्षिता ने नामांकन पत्र में अपने पिता का नाम तो भरा है, लेकिन पति के कॉलम में मेरा नाम गायब है। अगर मैं उनका पति नहीं हूं, तो यह बताइए कि हमारी बच्ची कहां से आई? हमारा कोई तलाक नहीं हुआ है। अगर तलाक हो गया है, तो मुझे बताइए।” उन्होंने आगे कहा कि पारिवारिक मनमुटाव को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए। पारिवारिक मुद्दे अलग होते हैं और चुनाव अलग। आज परिवार के बीच थोड़ा मतभेद है, तो वह समय के साथ ठीक हो जाएगा, लेकिन इस तरह से किसी की छवि खराब करना शोभा नहीं देता। कुलदीप सैनी के आरोपों पर अक्षिता सैनी के पिता स्वर्ण सैनी ने कहा कि अक्षिता और कुलदीप के तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है। वह कांग्रेस के कहने पर अक्षिता को बदनाम कर रहे हैं। अब जानिए कुलदीप सैनी ने अक्षिता को लेकर क्या कहा…. ससुराल नहीं रहीं तो शोषण कैसे हुआ कुलदीप सैनी ने कहा, “वह ससुराल पक्ष पर आरोप लगाती हैं कि सास-ससुर ने मारपीट की और दहेज मांगा गया। इस तरह की बातें नहीं बोलनी चाहिए। इलेक्शन को इलेक्शन की तरह लड़ना चाहिए, दूसरे की छवि खराब नहीं करनी चाहिए। वह सास-ससुर के साथ गांव में रहती ही नहीं थीं, तो उनका शोषण कैसे हो सकता है? उन्हें खुद सोचना चाहिए कि वह कितनी बार गांव गईं। मान और मर्यादा में रहकर चुनाव लड़ना चाहिए।” उन्हें सुनने में दिक्कत, शादी के बाद पता चला उन्होंने आगे कहा, “मेरे रहते उनका कोई शोषण नहीं कर सकता। यह बात अक्षिता को भी अच्छे से पता है। उन्होंने नामांकन पत्र में लिखा है कि उन्हें हेयर लॉस, हियरिंग लॉस है। मैंने तो ये बात आज तक किसी को नहीं बताई, वह खुद ही बता रही हैं। सही मायने में शोषण तो मेरा हुआ है। शादी से पहले मुझे ये बातें नहीं बताई गईं, फिर भी मैंने उन्हें खुश रखा और 7 साल तक कोई परेशानी नहीं आने दी। मेरे पास वह तस्वीरें भी हैं, जिनमें आप मेरे साथ खुश रहती थीं।” मैं कोर्ट-कचहरी के चक्कर क्यों झेलूं कुलदीप ने कहा, “आप चुनाव लड़ो। मैं खुद जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहा हूं। आप वहां मेयर बनकर सेवा कीजिए, और मैं यहां जिला पंचायत का सदस्य बनकर सेवा करूंगा। पारिवारिक मुद्दों को कभी भी चुनाव के बीच में नहीं लाना चाहिए। मैं मानवाधिकार आयोग से भी पूछना चाहता हूं कि ये सारी चीजें मुझ पर क्यों थोपी जा रही हैं? मैं कोर्ट-कचहरी में तारीखें क्यों झेलूं और अपना कीमती समय क्यों बर्बाद करूं?” अक्षिता को हर तरीके से खुश रखा उन्होंने कहा, “मैं एक अध्यापक हूं। उस समय को मैं बच्चों के साथ लगाऊंगा तो आने वाली पीढ़ी को सुधार पाऊंगा। अक्षिता को अच्छे से पता है कि मेरे जैसे टीचर बहुत कम मिलते हैं। मैंने उन्हें हर तरीके से खुश रखा है। मेरा इस तरह से समय बर्बाद न करें, ये दोनों के लिए अच्छा रहेगा।” अक्षिता के पिता बोले- बदनाम करने की कोशिश पति के आरोपों पर दैनिक भास्कर ने अक्षिता सैनी से बात करने का प्रयास किया, लेकिन चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। उनके पिता स्वर्ण सिंह सैनी ने कहा कि 6 साल से अक्षिता मेरे पास रह रही है। उसका तलाक को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है। 6 साल में कुलदीप एक बार भी उनके पास नहीं आया और न ही बेटी के बारे में कभी पूछा। अब कांग्रेस के कहने पर वह अक्षिता को बदनाम करना चाहता है, यह विपक्ष की चाल है। कुलदीप विपक्ष का मोहरा बनकर हमें चुनाव हराने की कोशिश कर रहा है। अक्षिता सैनी का परिवार RSS से जुड़ा हुआ स्वर्ण सैनी अंबाला शहर में भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष हैं। वह मेयर चुनाव में पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने उनकी बेटी अक्षिता को उम्मीदवार बना दिया। अक्षिता सैनी 32 साल की हैं और 7 साल की बेटी की मां हैं। उनके पति कुलदीप सैनी गुजरात के जामनगर में टीचर हैं। परिवार का आरएसएस से पुराना जुड़ाव रहा है। स्वर्ण सैनी बीजेपी में महामंत्री रह चुके हैं।
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अंबाला BJP मेयर कैंडिडेट पर पति के गंभीर आरोप:बोले- नामांकन पत्र के कॉलम में मेरा नाम गायब, शादी नहीं हुई तो बेटी कहां से आई







