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अपना ख्याल रखना किसी तरह का स्वार्थ नहीं, रोज़ाना खुद को थोड़ा वक्त दें…




अपनी सेहत और फिटनेस का ख्याल रखना किसी तरह का स्वार्थ नहीं है। हर महिला को रोज़ थोड़ा समय सिर्फ अपने लिए निकालना चाहिए। चाहे वह जिम हो, डांस हो या कोई दूसरी एक्टिविटी। इसके लिए उन्हें किसी तरह का गिल्ट महसूस नहीं करना चाहिए। एक्ट्रेस नीरू बाजवा ने महिलाओं की सेहत, पेरेंटिंग और आज की लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पहले वह शरीर में होने वाले बदलावों को लेकर काफी अनिश्चित रहती थीं, लेकिन अब उनका नजरिया बदल चुका है। नीरू ने कहा – पहले शारीरिक बदलावों को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं थी। डॉक्टरों से सलाह ली, खुद रिसर्च की, तब सही जानकारी मिली। इससे कॉन्फिडेंस बढ़ा और चीजों को समझना आसान हुआ। तब महसूस हुआ कि महिलाओं के शरीर में होने वाले नेचुरल बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय सही गाइडेंस और मेहनत से काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसी अनुभव ने उन्हें फिटनेस और हेल्थ पर लगातार काम करने की प्रेरणा दी। साथ ही यह भी महसूस हुआ कि महिलाओं की सेहत से जुड़े कई मुद्दों पर समाज में खुलकर बातचीत नहीं होती, जबकि इसकी बेहद जरूरत है ताकि महिलाएं अपने शरीर को बेहतर तरीके से समझ सकें और सही फैसले ले सकें। नीरू ने अपनी फिल्म और निजी अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि आज बच्चे भी तनाव महसूस कर रहे हैं। स्कूल बुलिंग और लगातार बढ़ते प्रेशर को उन्होंने करीब से महसूस किया है। उन्होंने कहा- जब मैं कनाडा में थी तो रोज सुबह बच्चों को जल्दी उठाना, स्कूल भेजना, ब्रेकफास्ट करवाना… इन सारी चीजों से बहुत रिलेट किया। शूटिंग के दौरान भी बच्चों की चिंता रहती थी। बच्चों की घंटेभर की क्लासेज देखकर लगा कि जैसे ‘पंगे दी क्लास’ लगी हुई है। इतना ज्यादा स्ट्रेस क्यों देना? बच्चों को रिलैक्स भी रहने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए एक ‘रिसेट डे’ होना जरूरी है, ताकि वे बिना किसी दबाव के समय बिता सकें। परिवार के साथ छुट्टियां और साथ बिताया समय रिश्तों को मजबूत बनाता है। नीरू ने कहा – यही यादें बचपन बनाती हैं। कम्युनिकेशन की नींव घर से ही पड़ती है। अगर बच्चा अपनी मां से खुलकर बात करेगा तो वह बाहर जाकर भी गलत चीजों से नहीं डरेगा और न ही गलत रास्ते पर जाएगा। महिलाएं खुद को प्राथमिकता दें नीरू ने कहा कि जिंदगी के अलग-अलग पड़ावों पर शरीर और मन में बदलाव आते हैं, लेकिन सही समझ और संतुलन से इन्हें संभाला जा सकता है। उन्होंने कहा – महिलाएं अपनी फिटनेस, मानसिक और इमोशनल हेल्थ पर काम करके काफी चीजें मैनेज कर सकती हैं। सबसे जरूरी है कि वे रोज थोड़ा समय सिर्फ अपने लिए निकालें। डांस, जिम या कोई भी पसंदीदा एक्टिविटी मानसिक स्थिति और खुशी को बेहतर बनाने में मदद करती है।



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