3 घंटे पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही एक बड़ा व्यापार समझौता हो सकता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमारे संबंध अच्छे हैं और हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं।
हालांकि, ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत ने कई सालों तक अमेरिका का फायदा उठाया। उन्होंने कहा- भारत अमेरिका पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता था, जबकि अमेरिका को उससे ज्यादा फायदा नहीं मिलता था।
ट्रम्प ने दावा किया कि अब स्थिति बदल गई है और अमेरिका भारत के साथ व्यापार से अच्छा पैसा कमा रहा है। उन्होंने कहा- हमें एक समझौते तक पहुंचना है क्योंकि मैं PM मोदी को बहुत पसंद करता हूं।
ट्रम्प के बयान के बीच अमेरिका ने भारत सहित 54 देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इन देशों में जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर पर्याप्त रोक नहीं है।
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भारतीय मूल की महिला को 23 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद ₹85 करोड़ मिले
ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय मूल की वर्षा गोहिल ने 23 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 7.5 लाख पाउंड (लगभग 85 करोड़ रुपए) जीते हैं। मामला तलाक केस का है। कोर्ट ने वर्षा को उनके पूर्व पति भद्रेश गोहिल की संपत्ति में हिस्सेदारी देने का आदेश दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्षा ने 2002 में पति से तलाक के लिए अर्जी दी थी। उस समय कपल के बीच एग्रीमेंट हुआ, जिसके तहत वर्षा को लगभग 270,000 पाउंड (लगभग 3.5 करोड़ रुपये) और परिवार की प्यूजो कार मिली।
वर्षा को शक था कि पति ने अपनी सारी संपत्ति का खुलासा नहीं किया है। सच तब सामने आया जब नाइजीरिया के पूर्व गवर्नर जेम्स इबोरी के सहयोगियों से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भद्रेश गोहिल मुख्य आरोपी बन गए।
अधिकारियों ने उन पर ऑफशोर स्ट्रक्चर और ग्राहक खातों से लाखों पाउंड ट्रांसफर करने में मदद करने का आरोप लगाया। लंबी जांच के बाद, उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग, जालसाजी और धोखाधड़ी की साजिश का दोषी पाया गया। 2011 में, उन्हें 10 साल जेल की सजा सुनाई गई।
जांच के दौरान भद्रेश की करोड़ों रुपए की संपत्तियां का खुलासा हुआ, जिनकी जानकारी तलाक के समय नहीं दी गई थी। इसके बाद वर्षा ने पुराने तलाक एग्रीमेंट को चुनौती दी। मामला ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
2015 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि अगर कोई पति या पत्नी अपनी संपत्ति छिपाता है, तो उसे इसका फायदा नहीं मिल सकता। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। हाई कोर्ट ने माना कि संपत्ति का एक हिस्सा वैध कारोबार से कमाया गया था और वह वैवाहिक संपत्ति का हिस्सा है।
कोर्ट ने वर्षा गोहिल को 85 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया। जज ने भद्रेश गोहिल को बेईमान बताते हुए उनकी दलीलों को खारिज कर दिया। हाल ही में कोर्ट ऑफ अपील ने आगे इस केस में किसी अपील पर रोक लगा दी, जिससे 23 साल पुराना यह विवाद आखिरकार खत्म हो गया।
