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सिरसा में बीबीएमबी के चलते विस्थापित परिवारों की अलॉट जमीनें फर्जी रजिस्ट्री करवाने के आरोपी पुलिस ने किए काबू
सिरसा जिले के गांव जोधकां में भाखड़ा बांध विस्थापित (BBMB) की खाली जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर जमीन की फर्जी रजिस्ट्र
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नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस ने गांव जोधकां निवासी कृष्ण कुमार और रत्न लाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि फर्जी रजिस्ट्री गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
268 विस्थापित परिवारों को मिली थी जमीन
थाना प्रभारी उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि डिंग निवासी प्रदीप कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार, भाखड़ा बांध निर्माण के दौरान सरकार ने हिमाचल प्रदेश के 268 विस्थापित परिवारों को गांव जोधकां में जमीन आवंटित की थी। इनमें से केवल 10 परिवार ही गांव में आकर बस पाए थे, जबकि अन्य परिवार अपने मूल स्थानों पर ही रहे।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर कराई रजिस्ट्री
शिकायत में बताया गया कि जिला बिलासपुर के गांव बणगांव निवासी गम्भरों देवी के नाम भी जोधकां में जमीन आवंटित थी। वृद्धावस्था के कारण वह यहां नहीं आ सकीं, इसलिए उनकी जमीन की देखरेख पुरुषार्थ कमेटी के माध्यम से की जाती थी। आरोप है कि कमेटी से जुड़े कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर गम्भरों देवी की जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली और उस पर कब्जा कर लिया।
पूरे रैकेट की जांच में जुटी पुलिस
इसी प्रकार के अन्य मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले ही डीएसपी और राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और इस साजिश में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।







