पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत आयोजित 2 दिवसीय शिविरों में 30 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) जमा कराए। सभी मतदान केंद्रों पर 11 और 12 जुलाई सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक शिविर लगाए गए,
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शनिवार को पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि राज्य में घर-घर जाकर गणना प्रपत्र एकत्र करने का अभियान जारी है, यह प्रक्रिया 24 जुलाई तक चलेगी। 18 दिन में 1.30 करोड़ से अधिक मतदाता अपने गणना प्रपत्र जमा करा चुके हैं। जिन वोटरों ने अभी तक अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं कराए हैं, वे बिना किसी देरी के अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म जमा कराएं। पंजाब मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि समयसीमा के भीतर प्रपत्र जमा करना जरूरी है, ताकि हर पात्र वोटर का नाम 3 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जा सके। विभाग ने नागरिकों से निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
2 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता…
पंजाब में 2 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं, जिनकी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। राज्य में 24 हजार से अधिक मतदान केंद्र हैं, जहां बीएलओ मतदाताओं से सीधे संपर्क कर रहे हैं। मतदाता सूची में नाम सही होना अनिवार्य है। सिर्फ वोटर आईडी होने से मतदान का अधिकार सुनिश्चित नहीं होता, नाम मतदाता सूची में होना जरूरी है।
इस पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित होने वाली सूची ही आगामी चुनावों के लिए आधार बनेगी। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य डुप्लीकेट, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को पूरी तरह अपडेट करना है। 3 अगस्त को पंजाब की प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। प्रारूप सूची जारी होने के बाद जिन मतदाताओं का नाम छूट जाएगा या किसी तरह की त्रुटि होगी, उन्हें दावा और आपत्ति दाखिल करने का अवसर मिलेगा। अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले नए नाम जोड़ने, गलतियां सुधारने और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी होगी।







