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S Jaishankar Quad Foreign Ministers Meeting 2026 Updates; Indo-Pacific


नई दिल्ली16 घंटे पहले

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भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के विदेश मंत्री दिल्ली में मिले।

देश की राजधानी दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक खत्म हो गई है। इसमें ऑस्ट्रेलिया ने होर्मुज का मुद्दा उठाया। विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा, ‘ईरान की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने का असर अब तेल और ऊर्जा सप्लाई पर दिखने लगा है। क्वाड देशों का कहना है कि समुद्री रास्ते खुले रहना जरूरी हैं और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल या रोक नहीं लगनी चाहिए।’

इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हुए। अमेरिका की ओर से मार्को रूबियो, जापान से तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पेनी वोंग मौजूद रहे।

विदेश मंत्री जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर कहा कि इसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। जिन देशों पर आतंकी हमले होते हैं, उन्हें अपनी सुरक्षा का अधिकार है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बैठक में 3 बड़े फैसलों पर चर्चा की गई।

भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने नई दिल्ली में मंगलवार को हुए क्वाड समिट में इंडो-पैसेफिक इलाके की चिंताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए रणनीतिक भरोसे को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा तय करना जरूरी है।

क्वाड के 3 बड़े फैसलों पर सहमति

1. क्वाड देशों ने समुद्र से जुड़ी जानकारी साझा करने और निगरानी बढ़ाने पर सहमति जताई है। बंदरगाहों से जुड़ी सुविधाओं के लिए एक एक्सपर्ट टीम बनाने पर भी विचार होगा। साथ ही फिजी में नया पोर्ट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा और समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स पर मिलकर काम होगा।

2. क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स के लिए एक साझा फ्रेमवर्क तैयार किया है। भारत और अमेरिका ने भी इस मुद्दे पर अलग समझौता किया है। क्वाड अब इस काम में दूसरे देशों को भी जोड़ने की कोशिश करेगा।

3. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इसमें नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन, नीतियां, अंतरराष्ट्रीय बाजार की जानकारी और इमरजेंसी अभ्यास जैसी चीजें शामिल होंगी।

दिल्ली में क्वाड देशों भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में मेन फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर रहा।

क्वाड बैठक खत्म होने के बाद चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने प्रेस कॉनफ्रेंस कर जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया।

प्रेस ब्रीफिंग में रुबियो ने कहा कि उनका हेडफोन काम नहीं कर रहा। इस पर मोतेगी बोले, मुझे लगा आप जापानी जानते हैं। तभी जयशंकर ने हंसते हुए कहा, वो जापानी सीख रहे हैं।

क्वाड बैठक में 5 बड़े ऐलान…

  1. क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क शुरू करने का फैसला किया, जिसके तहत खनन, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए मिलकर निवेश और सहयोग बढ़ाया जाएगा।
  2. भारत और अमेरिका ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ सप्लाई सुरक्षित करने के लिए द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ेगा।
  3. क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू की है, जिसके तहत फ्यूल सिक्योरिटी फोरम और क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।
  4. हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री निगरानी बढ़ाने के लिए क्वाड देश सैटेलाइट डेटा साझा करेंगे, जिससे तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और आपदा राहत में मदद मिलेगी।
  5. क्वाड देशों ने फिजी में ‘पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर’ परियोजना शुरू करने का फैसला किया है, जिसके तहत बंदरगाह इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा।

क्वाड समिट से जुड़े सभी बड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइये…

अपडेट्स

06:54 AM26 मई 2026

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अमरिकी विदेश मंत्री दिल्ली से रवाना हुए

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपनी पत्नी जेनेट डी. रुबियो के साथ भारत दौरा खत्म कर दिल्ली से आर्मेनिया रवाना हो गए हैं।

06:27 AM26 मई 2026

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मार्को रूबियो- यह समझौता रणनीतिक साझेदारी का बड़ा उदाहरण

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ क्रिटिकल मिनरल्स समझौता दोनों देशों की मजबूत रणनीतिक साझेदारी का बड़ा उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत दोनों चाहते हैं कि महत्वपूर्ण खनिजों और सप्लाई चेन तक लंबे समय तक भरोसेमंद पहुंच बनी रहे, क्योंकि ये नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों के लिए बेहद जरूरी हैं।

रूबियो ने कहा कि फरवरी में वॉशिंगटन में हुए क्रिटिकल मिनरल्स फोरम से इस सहयोग की शुरुआत हुई थी और अब यह समझौते तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका नहीं चाहते कि महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई किसी एक देश या एक स्रोत के नियंत्रण में रहे, क्योंकि इससे भविष्य में दबाव या संकट पैदा हो सकता है।

रूबियो के मुताबिक, यह समझौता सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका की मजबूत रणनीतिक साझेदारी का वास्तविक उदाहरण है।

06:23 AM26 मई 2026

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जयशंकर बोले- भारत-US समझौते का मकसद खनिजों की सप्लाई चेन मजबूत करना

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत और अमेरिका ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ की सप्लाई सुरक्षित करने के लिए एक नया बाईलेट्रल फ्रेमवर्क तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर क्वाड बैठक में भी चर्चा हुई और यह आज के समय की बहुत जरूरी पहल है। इस समझौते के तहत दोनों देश खनन, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और निवेश जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

जयशंकर ने कहा कि इसका मकसद महत्वपूर्ण खनिजों की मजबूत और डाईवर्स सप्लाई चेन तैयार करना है, ताकि किसी एक सोर्स पर निर्भरता कम हो सके।

उन्होंने कहा कि यह समझौता दिखाता है कि दुनिया की चुनौतियों के बीच भारत और अमेरिका का सहयोग लगातार और मजबूत हो रहा है।

06:18 AM26 मई 2026

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भारत-अमेरिका के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ की सप्लाई सुरक्षित करने के लिए भारत-अमेरिका के बीच एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए।

06:16 AM26 मई 2026

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जापान बोला- इंडो-पैसिफिक में ताकत बढ़ाएगा क्वाड

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने कहा कि फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) को मजबूत करने में क्वाड की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक देशों को इतना मजबूत बनाना जरूरी है कि वे अपना भविष्य खुद तय कर सकें। चारों देशों ने साफ किया है कि वे ताकत या दबाव के जरिए हालात बदलने की कोशिशों का विरोध करते हैं।

इसके अलावा जापानी विदेश मंत्री ने बताया कि जरूरी खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) के निर्यात पर लग रही पाबंदियों को लेकर भी चिंता जताई गई। सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए क्वाड ने नया क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क शुरू किया है।

साथ ही उन्होंने बताया कि बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई। होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और बिना रुकावट समुद्री आवाजाही बनाए रखने के लिए कूटनीतिक कोशिशों की जरूरत पर जोर दिया गया।

06:15 AM26 मई 2026

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क्वाड देश क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन मजबूत करेंगे

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि क्वाड देश क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क शुरू करेंगे।

इसके तहत भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया मिलकर महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे। इसमें खनन, प्रोसेसिंग और महत्वपूर्ण खनिजों की रीसाइक्लिंग पर भी काम होगा।

रूबियो ने कहा कि क्वाड देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा बढ़ाने के लिए नई पहल भी शुरू करेंगे।

उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत अमेरिका का ऊर्जा विभाग इस साल क्वाड देशों के साथ एक फ्यूल सिक्योरिटी फोरम आयोजित करेगा। मार्को रूबियो ने भारत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मेजबानी की भी तारीफ की।

05:39 AM26 मई 2026

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क्वाड देशों की कई मुद्दो पर साझेदारी तय

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने कहा कि क्वाड ने ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी नई पहल शुरू की है। इसके साथ ही ‘क्वाड पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर पार्टनरशिप’ के तहत फिजी में पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि क्वाड देश हिंद महासागर में समुद्री निगरानी बढ़ाएंगे। इसके तहत सैटेलाइट डेटा शेयरिंग के जरिए अवैध मछली पकड़ने, तस्करी और आपदा राहत कार्यों में मदद मिलेगी।

पेनी वोंग ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशिया में ऑनलाइन स्कैम और साइबर अपराध से निपटने के लिए भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।

05:27 AM26 मई 2026

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ऑस्ट्रेलिया बोला- समुद्री रास्तों की आजादी बनाए रखना जरूरी

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद कहा कि सदस्य देश सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि ठोस नतीजों पर फोकस कर रहे हैं।

ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने का असर ऊर्जा सुरक्षा पर साफ दिख रहा है। समुद्री रास्तों की आजादी बनाए रखना जरूरी है और किसी तरह का टोल लगाने का भी विरोध किया गया है।

उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हालात लगातार चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं और कई देश आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।

उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की कूटनीतिक कोशिशों की भी सराहना की।

05:18 AM26 मई 2026

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जयशंकर बोले- आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जरूरी

आतंकवाद के मुद्दे पर जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस होना चाहिए और जिन देशों पर आतंकी हमले होते हैं, उन्हें अपनी सुरक्षा का अधिकार है।

जयशंकर ने आगे कहा कि चारों देश मजबूत सप्लाई चेन, सुरक्षित तकनीक, आर्थिक मजबूती और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर मिलकर काम करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दुनिया की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा व्यापार और समुद्री कारोबार के लिए और ज्यादा महत्वपूर्ण बनने वाला है, इसलिए क्वाड देशों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।

05:10 AM26 मई 2026

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क्वाड बैठक खत्म, जयशंकर बोले- इंडो-पैसिफिक पर खास फोकस

क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक अब खत्म हो गई है। इसके बाद क्वाड देशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि बैठक काफी अहम और उपयोगी रही। दुनिया के मौजूदा हालात और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

जयशंकर ने कहा कि चारों देश समुद्री लोकतंत्र हैं, इसलिए अलग-अलग नजरियों का आदान-प्रदान काफी महत्वपूर्ण रहा। समुद्री निगरानी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, अंडरसी केबल, ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

जयशंकर ने बताया कि चारों देश मानते हैं कि सप्लाई चेन मजबूत होनी चाहिए, भरोसेमंद टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलना चाहिए और उत्पादन क्षमता बढ़ानी होगी। बैठक में ऊर्जा और उर्वरक की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

04:48 AM26 मई 2026

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जापान बोला- इंडो-पैसिफिक देशों को मजबूत बनना होगा

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि यह बैठक दुनिया को एक मजबूत संदेश देती है कि क्वाड देश फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक के लिए मिलकर काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों को अपनी मजबूती बढ़ानी होगी ताकि वे अपना भविष्य खुद तय कर सकें।

मोतेगी ने आर्थिक सुरक्षा को भी बेहद अहम बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में क्वाड देशों के बीच सहयोग को और तेज करने पर खुलकर चर्चा होगी।

04:44 AM26 मई 2026

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मार्को रूबियो बोले- क्वाड अब सिर्फ बातचीत नहीं, कार्रवाई भी कर रहा

क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि क्वाड अब सिर्फ बातचीत करने वाला समूह नहीं रह गया है, बल्कि यह तेजी से एक्शन बेस्ड पार्टनरशिप बनता जा रहा है।

रूबियो ने बैठक की मेजबानी के लिए भारत और विदेश मंत्री जयशंकर का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि हाल के ग्लोबल घटनाओं के बीच क्वाड की अहमियत और बढ़ गई है।

मार्को रूबियो ने बताया कि जब उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री के रूप में पद संभाला था, तो उनकी पहली बैठक क्वाड देशों के साथ हुई थी। उनके मुताबिक, इससे साफ होता है कि अमेरिका इस समूह को कितनी अहमियत देता है।

04:39 AM26 मई 2026

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ऑस्ट्रेलिया ने भारत की अहम भूमिका की तारीफ की

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों को अपने फैसले खुद लेने की आजादी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्वाड चाहता है कि सभी देश अपने हितों की रक्षा कर सकें और किसी दबाव में फैसले न लें। पेनी वोंग ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी बहुत अहम भूमिका है।

04:36 AM26 मई 2026

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जयशंकर बोले- इंडो-पैसिफिक कई आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र इस समय समुद्री सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि क्वाड देश आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर ध्यान देंगे।

जयशंकर के मुताबिक, दुनिया के सामने सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखना, महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर दबाव, उत्पादन और संसाधनों का कुछ जगहों पर केंद्रित होना और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी जैसी बड़ी चुनौतियां हैं।

04:35 AM26 मई 2026

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भारत में 2025 में होनी थी क्वाड समिट

पिछले कुछ समय में क्वाड के अंदर तनाव बढ़ा है। 2024 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने डेलावेयर में क्वाड नेताओं की बैठक की मेजबानी की थी। इसके बाद अगली बैठक 2025 में भारत में होनी थी, लेकिन वह नहीं हो सकी।

रिपोर्ट के अनुसार इसकी एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बढ़ा तनाव रहा। ट्रम्प ने भारतीय सामानों पर टैरिफ और अतिरिक्त शुल्क लगाए, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया।

इसके अलावा ट्रम्प ने यह दावा भी किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा संघर्ष को शांत कराने में मध्यस्थता की थी। भारत इस तरह के दावे को हमेशा संवेदनशील मानता है। ट्रम्प ने भारत द्वारा रूस से हथियार खरीदने की भी आलोचना की थी। इन सब वजहों से नई दिल्ली और वॉशिंगटन के रिश्तों में असहजता बढ़ी।

अब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत आए हैं और उन्हें दोनों देशों के रिश्तों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह उनके लिए आसान काम नहीं होगा, क्योंकि ट्रम्प का ध्यान फिलहाल पश्चिम एशिया और दूसरे वैश्विक संकटों पर हैं।

ट्रम्प ने इस साल गाजा में सीजफायर और उसके पुनर्विकास के लिए बोर्ड ऑफ पीस का गठन किया। अरब देशों समेत पाकिस्तान को भी इस बोर्ड में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया।

04:35 AM26 मई 2026

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भारत की अहमियत नहीं समझ पाई अमेरिकी सरकार

जर्मन वेबसाइट DW के मुताबिक अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया पहले से सुरक्षा सहयोगी थे, लेकिन क्वाड का असली मकसद भारत को साथ जोड़ना था ताकि ग्रुप का प्रभाव बढ़े। लेकिन अमेरिकी सरकार भारत की अहमियत को पूरी तरह नहीं समझ पाई जिससे मोदी सरकार नाराज हुई है।

जापान और ऑस्ट्रेलिया लगातार कोशिश कर रहे हैं कि क्वाड टूटने न पाए। कुछ एक्स्पर्ट्स का मानना है कि भारत में ट्रम्प की जगह रुबियो का आना क्वाड के लिए बेहतर हो सकता है।

अमेरिकी विशेषज्ञ डेरेक ग्रॉसमैन ने चेतावनी दी कि अगर ट्रम्प अगले क्वाड नेताओं के सम्मेलन में शामिल नहीं होते, तो यह समूह धीरे-धीरे महत्व खो सकता है। अगली नेताओं की बैठक 2026 के अंत में ऑस्ट्रेलिया में होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्वाड कमजोर पड़ता है तो सबसे बड़ा फायदा चीन को होगा।

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