यमुनानगर में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें ऊंचे मुनाफे का लालच देकर पहले भरोसे में लिया गया और फिर पोंजी स्कीम के जरिए करीब 4 करोड़ 16 लाख रुपये हड़प लिए गए।
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जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें टालमटोल करने के साथ-साथ जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। आरोप है कि आरोपी ने उन्हें जेल में बैठे शूटर से गोलियां तक मरवाने की धमकी दी है। यमुनानगर सिटी थाना पुलिस ने मामले में कंपनी के डायरेक्टर समेत 8 पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार निवासी तिलक नगर सहित अन्य प्रार्थियों ने बताया कि प्रांशु दत्ता (डायरेक्टर बीएफएक्स प्रो), उसके पिता रमेश दत्ता, संदीप दत्ता, दीक्षा दत्ता, अमित खेड़ा, हेमंत भटनागर, हरनेक सिंह और विनय गुप्ता ने आपस में साजिश रचकर एक सुनियोजित तरीके से क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

5-6 माह तक अच्छा रिटर्न देकर जीता भरोसा
शिकायत के अनुसार रमेश दत्ता ने लोगों से संपर्क कर उन्हें विश्वास दिलाया कि उसके बेटे प्रांशु दत्ता की कंपनी BFX Pro विदेशी स्तर पर काम कर रही है और निवेश करने पर हर महीने 8 से 10 प्रतिशत तक रिटर्न मिलता है। उसने यह भी भरोसा दिलाया कि कंपनी सरकारी तौर पर पंजीकृत है और अनुभवी टीम द्वारा संचालित है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार शुरुआत में आरोपियों ने 5-6 महीनों तक अच्छा रिटर्न देकर उनका भरोसा जीता, जिससे प्रभावित होकर लोगों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी, आभूषण बेचकर, बैंक से लोन लेकर, रिश्तेदारों से उधार लेकर और यहां तक कि मकान बेचकर या गिरवी रखकर करोड़ों रुपये नकद में रमेश दत्ता के घर और ऑफिस में जमा करवाए।
निवेश के बाद उन्हें MetaBFX Pro नाम की एप्लिकेशन डाउनलोड करवाई गई, जिसमें उन्हें एक आईडी दी गई ताकि वे अपने निवेश को देख सकें। आरोप है कि यह पूरा सिस्टम निवेशकों को भ्रमित करने के लिए बनाया गया था। शिकायत में करीब 4 करोड़ 16 लाख 28 हजार 368 रुपये की कुल निवेश राशि का विवरण भी दिया गया है।

बैंकॉक और दुबई के कराए टूर
प्रार्थियों ने बताया कि आरोपियों ने निवेश बढ़ाने के लिए विदेश यात्राओं का लालच भी दिया और दिसंबर 2024 में बैंकॉक, जनवरी 2025 में दुबई तथा बाद में जिम कॉर्बेट जैसे टूर करवाए। साथ ही ज़िरकपुर, कसौली और चंडीगढ़ में बड़ी-बड़ी मीटिंग्स आयोजित कर देशभर से लोगों को जोड़कर और अधिक निवेश करवाया गया।
आरोप है कि एक योजना के तहत निवेशकों को उनका रिटर्न 4 महीने के लिए लॉक करने को कहा गया, ताकि वे पैसा न निकाल सकें और इसी दौरान बड़े स्तर पर ठगी को अंजाम दिया गया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार अगस्त 2025 के बाद जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो रमेश दत्ता और अन्य आरोपी टालमटोल करने लगे।

जेल में बैठे शूटरों से जान से मरवाने की धमकी दी
बाद में उन्होंने फोन उठाना और संदेशों का जवाब देना भी बंद कर दिया। जब प्रार्थी दोबारा ऑफिस पहुंचे तो रमेश दत्ता ने न केवल पैसा देने से इनकार किया बल्कि धमकी दी कि उसका सिस्टम पर पूरा नियंत्रण है और ज्यादा दबाव बनाने पर वह जेल में बैठे शूटरों से उन्हें जान से मरवा देगा।
पूरी मामले में आरोप लगाया गया है कि सभी आरोपी मिलकर एक गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और पोंजी स्कीम के तहत लोगों को झूठे मुनाफे का लालच देकर ठगी की गई। पुलिस जांच में भी यह सामने आया कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच आरोपियों ने करीब 4.16 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। अब कंपनी के डायरेक्टर समेत आठ लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है।







