किसानों द्वारा आज पंजाब में रेल रोकने का ऐलान किया गया था, जो 3 दिन के लिए टाल दिया गया। (फाइल फोटो)
पंजाब में गेहूं की खरीद और लिफ्टिंग में देरी होने से नाराज किसानों ने अब रेल रोको आंदोलन को 3 दिन के लिए स्थगित कर दिया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सभी किसान मोर्चों ने तय कर सरकार को 3 दिनों का समय दिया है।
.
किसान पंजाब के 18 जिलों में पटरियों पर बैठने और ट्रेनों का चक्का जाम करने वाले थे। KMM (किसान मजदूर मोर्चा) और SKM (संयुक्त किसान मोर्चा) के आह्वान पर प्रदेश भर में रेल रोको आंदोलन करना था।
किसान नेताओं का आरोप है कि सरकार और प्रशासन गेहूं की खरीद में जानबूझकर देरी कर रहे हैं। मंडियों में बारदाने (बोरियों) की कमी और लिफ्टिंग न होने के कारण किसान हफ्तों से अपनी फसल लेकर बैठे हैं। जगराओं में हुई महापंचायत के बाद नेताओं ने ऐलान किया नमी के नाम पर किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों की मांगों को देखते हुए केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए एफसीआई को आदेश जारी किए हैं। एफसीआई ने भी केंद्र सरकार के निर्देश पर गेहूं खरीद के लिए मानकों में छूट दे दी है।

किसान नेताओं ने पंजाब के 18 जिलों में पटरियों पर बैठने और ट्रेनों का चक्का जाम करने का ऐलान किया था।
एक-एक दाना खरीदेगी केंद्र सरकारः रवनीत बिट्टू
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आंदोलन के ऐलान के बाद कहा कि केंद्र सरकार किसानों की फसल का एक एक दाना उठाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर FCI ने गेहूं खरीद के लिए मानकों में छूट दे दी है। राज्य सरकार को छूट के बारे में पत्र भेज दिया है। राज्य सरकार अब जल्दी किसानों की फसल खरीदकर लिफ्टिंग करवाए।

केंद्र द्वारा प्रस्तावित छूट
- सिकुड़े व टूटे दाने : अधिकतम 20% तक बिना मूल्य कटौती के अनुमति दी जाए।
- चमक खो चुके दाने): अधिकतम 80% तक बिना मूल्य कटौती के अनुमति दी जाए।
- क्षतिग्रस्त एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दाने: संयुक्त सीमा अधिकतम 6% तक अनुमति दी जाए।
4 महीने पहले रेल रोकने वक्त पुलिस-किसानों में हुई थी झड़प
चार महीने पहले किसानों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब के कई जिलों में रेलवे ट्रैक जाम किए थे। अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर और लुधियाना समेत कई जगह किसानों ने ट्रैक पर बैठकर धरना दिया।
फिरोजपुर में ट्रैक पर बैठे किसानों की पुलिस से झड़प भी हो गई थी। जालंधर में पुलिस ने कई किसानों को डिटेन किया, जबकि लुधियाना में भारी पुलिस तैनाती के चलते ट्रैक बाधित नहीं होने दिया था।

उस दौरान किसान 3 प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इनमें बिजली संशोधन बिल-2025 रद्द करवाना, पंजाब में लगाए जा रहे प्रीपेड बिजली मीटर हटाना और पंजाब सरकार को सरकारी जमीनों को बेचने से रोकना शामिल था।
———–
यह भी पढ़ें- पंजाब में रेलवे ट्रैक पर किसानों की पुलिस से झड़प:जालंधर में स्टेशन पहुंचने से पहले डिटेन, नेताओं को छोड़ने पर अड़े किसान
पंजाब में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर शनिवार को कई जिलों में रेलवे ट्रैक जाम किए। अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर और लुधियाना समेत कई जगह किसानों ने ट्रैक पर बैठकर धरना दिया। पढ़ें पूरी खबर…






