भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने एक इंटरव्यू के दौरान यह बयान दिया। – फाइल फोटो
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) व भारतीय जनता पार्टी (BJP) में गठबंधन की अटकलों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विराम लगा दिया। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि पंजाब में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी।
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नितिन नबीन ने साफ कहा कि भाजपा पंजाब में इस चुनाव में नए स्वरूप में दिखेगी। संगठन चुनाव को ध्यान में रखकर ही काम कर रहा है। पार्टी चुनाव मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसमें किसी का सहयोग नहीं होगा।
उन्होंने कहा- पंजाब का मिजाज हमेशा भाजपा के साथ रहा है और भाजपा पंजाब के मिजाज को समझती है। हमने कभी भी पंजाब के मूल्यों के साथ समझौता नहीं किया। हमें पंजाब में सीटें कम मिलीं, इसके बावजूद पंजाब से भाजपा का जुड़ाव हमेशा बना रहा।
नितिन नबीन ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) अपने कृत्यों के कारण हारने वाली है। इसमें कोई दो राय नहीं है। पंजाब में जनाधार स्थापित करना निश्चित तौर पर हमारे लिए चुनौती रही है। हमने जनसंघ के समय से पंजाब में निरंतर काम किया और लोगों के साथ हमारा सीधा जुड़ाव है।
रैली में अमित शाह भी कर चुके घोषणा
कुछ समय पहले मोगा में रैली के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पंजाब में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही थी। उसके बाद से BJP की प्रदेश इकाई ने पंजाब की सभी 117 सीटों पर खुद को मजबूत करना शुरू कर दिया। अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
अमित शाह का पूरा बयान…
- जहां हमारा वोट बढ़ा, हम सरकार बनाते हैं: मोगा रैली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि जहां हमारा वोट शेयर बढ़ना शुरू होता है, वहां हम निश्चित तौर पर सरकार बनाते हैं। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा का वोट शेयर 6.60 प्रतिशत था जो लोकसभा चुनाव 2024 में बढ़कर 19 फीसदी से ज्यादा हो गया। उन्होंने कहा कि भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड है, जहां उनका वोट शेयर बढ़ने लगता है वहां वो अगले चुनाव में निश्चित तौर पर सरकार बनाते हैं।
- अन्य राज्यों का उदाहरण दिया: अमित शाह ने उड़ीसा, त्रिपुरा व असम का उदाहरण दिया। उड़ीसा में 2009 में भाजपा को 15 फीसदी वोट मिले जो 2014 में बढ़कर 18 फीसदी हुए। 2019 में वोट प्रतिशत बढ़कर 32.50 फसदी हुआ और 2024 में उन्होंने सरकार बना दी। असम में भी भाजपा का वोट प्रतिशत 2011 में 11.47 प्रतिशत था और 2016 में 29.5 प्रतिशत वोट लेकर सरकार बनाई। उसके बाद फिर 2021 में 33 फीसदी वोट लेकर सरकार बनाई। त्रिपुरा में 2013 में 1.54 फीसदी वोट शेयर था और 2018 में 43.59 फीसदी वोट हासिल कर सरकार बनाई। तब से त्रिपुरा में लगातार भाजपा की सरकार है। शाह बढ़ते वोट बैंक को विनिंग मार्जिन में बदलने के अच्छे रणनीतिकार माने जाते हैं।
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