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PM संग मंच साझा करने पर तिवारी ने तोड़ी चुप्पी:चंडीगढ़ MP बोले-दलगत राजनीति से ऊपर विकास; दिल्ली की राजनीति को बताया जहरीली




चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे के दौरान आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह विकास कार्यों को दलगत राजनीति से ऊपर रखते हैं। मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि कोई उनके बारे में क्या सोचता है, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता। मनीष तिवारी ने कहा कि वह पहले भी प्रधानमंत्री के विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं और आगे भी जनता के हित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देंगे। 2022 में भी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हुआ था शामिल चंडीगढ़ सांसद ने अपने पुराने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 24 अगस्त 2022 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यू चंडीगढ़ में डॉ. होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन करने पहुंचे थे, तब वह श्री आनंदपुर साहिब से सांसद थे और कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि आज यह अस्पताल पूरे क्षेत्र के हजारों कैंसर मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। 17 जुलाई को चंडीगढ़ और श्री आनंदपुर साहिब की परियोजनाओं के कार्यक्रम में रहे मौजूद मनीष तिवारी ने कहा कि 17 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ और उनके पूर्व संसदीय क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब से जुड़े कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया। वह इस कार्यक्रम में भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उन लोगों का जीवन बेहतर होगा, जिनकी सेवा के लिए जनप्रतिनिधियों को चुना गया है। इसलिए विकास से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने को वह दलगत राजनीति के चश्मे से नहीं देखते। ‘दिल्ली की राजनीति बेहद टूट चुकी है’ मनीष तिवारी ने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले 45 वर्षों से राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर उन्होंने देखा है कि राजनीति किस तरह लगातार टूटती जा रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति तेजी से जहरीली और नुकसानदायक होती जा रही है। अब राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को विरोधी नहीं, बल्कि जानी दुश्मन की तरह देखा जाने लगा है। उनके अनुसार, आज की दिल्ली इस तरह की टूटी हुई राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण है। मैं ओल्ड स्कूल का हूं, प्रोटोकॉल और शिष्टाचार में विश्वास रखता हूं अपनी राजनीतिक कार्यशैली को लेकर मनीष तिवारी ने कहा कि वह अभी भी कुछ हद तक ‘ओल्ड स्कूल’ यानी पुरानी राजनीतिक परंपराओं में विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं। वह प्रोटोकॉल और बुनियादी शिष्टाचार को महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह विकास की प्राथमिकताओं को दलगत राजनीति से ऊपर रखने में विश्वास करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने इसी सिद्धांत पर कायम रहेंगे, चाहे कोई उनके बारे में कुछ भी सोचे।



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