लुधियाना में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) प्रणाली के विरोध में जिला कचहरी लुधियाना के वकीलों का गुस्सा अब और उग्र हो गया है। लंबे समय से चल रही हड़ताल और भूख हड़ताल के बीच मंगलवार को बड़ी संख्या में वकीलों ने रोष मार्च निकालते हुए डिप्टी कमिश्नर (DC
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प्रदर्शन के दौरान वकीलों की मुख्य बातें और मांगें: LADC नीति से न्याय प्रणाली पर असर: प्रदर्शनकारी वकीलों के प्रतिनिधि ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 1987 से चल रही लीगल एड नीति के तहत 100 से 125 वकील पैनल में शामिल होकर जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता देते थे। लेकिन नई LADC नीति के तहत सरकार ने इस संख्या को घटाकर महज 8-10 वकीलों तक सीमित कर दिया है।
जानकारी देते हुए प्रधान
वकीलों की स्वतंत्रता पर सवाल: वकीलों ने आरोप लगाया कि LADC के तहत नियुक्त वकील सीधे तौर पर न्यायपालिका और सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। इससे मुकदमों में निष्पक्ष सुनवाई और जिरह (Cross-examination) की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे 95% से अधिक मामलों में सजाएं हो रही हैं।
युवा वकीलों का भविष्य अधर में: वकीलों ने कहा कि इस नीति के कारण कचहरी में नए आने वाले युवा वकीलों की प्रैक्टिस और सीखने के अवसर खत्म हो रहे हैं।
लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा आंदोलन: वकीलों ने स्पष्ट किया कि यद्यपि प्रशासनिक स्तर पर वार्ता चल रही है और कुछ मांगों पर सहमति भी बनी है, लेकिन जब तक सरकार या संबंधित विभाग की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक यह हड़ताल और प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
