तेहरान/वॉशिंगटन डीसी6 मिनट पहले
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अमेरिका और ईरान रविवार को जंग खत्म करने के लिए शांति समझौते पर राजी हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। वहीं ईरान ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका के साथ कई महीनों तक चली लंबी और मुश्किल बातचीत के बाद दोनों देशों ने एक डील यानी MoU को अंतिम रूप दे दिया है।
ट्रम्प ने कहा कि इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा। उन्होंने ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी दे दी है। ट्रम्प ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘दुनिया के जहाजो, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।’
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों देश पीस डील पर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में दस्तखत करेंगे। अगर ऐसा होता है तो यह 47 साल में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हाई लेवल की बैठक होगी।

ईरान ने दस्तखत करने से पहले 3 शर्तें रखीं
ईरान-अमेरिका के बीच हुए समझौते का पूरा दस्तावेज अभी जारी नहीं किया गया है। हालांकि, ईरानी मीडिया के मुताबिक दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में कुछ अहम बातें शामिल हैं।
इनमें युद्ध और सैन्य कार्रवाई रोकना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना, ईरान के कुछ फ्रीज्ड फंड जारी करना, परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर अगले 60 दिनों की बातचीत का ढांचा तय करना शामिल है।
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद शुरू होने वाली 60 दिन की अमेरिका-ईरान वार्ता इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका पहले अपने तीन वादे पूरे करता है या नहीं।
गरीबाबादी के मुताबिक अमेरिका को तीन कदम उठाने होंगे- 1. नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, 2. युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, 3. ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी करना।

यह मसौदा ईरानी मीडिया के मुताबिक है। अमेरिका ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
- शहबाज ने समझौते का सबसे पहले ऐलान किया: पाकिस्तानी PM ने सबसे पहले सीजफायर समझौते का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत और हमेशा के लिए रोकने पर सहमति जताई है।
- ट्रम्प ने लेबनान पर इजराइल के हमले की आलोचना की: ट्रम्प ने लेबनान के बेरूत पर हुए इजराइली हमले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह हमला ऐसे समय हुआ, जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता बेहद करीब है।
- इजराइली हमलों के कारण पीस डील टली: ट्रम्प ने कहा था कि लेबनान पर इजराइली हमलों की वजह से ईरान के साथ पीस डील की साइनिंग कुछ घंटों के लिए टल गई।
- भारतीय जहाज के सभी 14 क्रू मेंबर सुरक्षित: ओमान के तट के पास संकट में फंसे भारतीय ध्वज वाले जहाज MSV विराट-1 के सभी 14 भारतीय क्रू मेंबरों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मस्कट में भारतीय दूतावास ने रविवार को बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।
- अमेरिका से डील का ईरान में विरोध तेज: अमेरिका के साथ संभावित समझौते को लेकर ईरान में विरोध तेज हो गया है। कट्टरपंथी गुटों, रूढ़िवादी नेताओं और सरकारी मीडिया के कुछ वर्गों का कहना है कि यह समझौता ईरान के लिए झुकने जैसा कदम होगा और इससे युद्ध के दौरान हासिल फायदे कमजोर पड़ जाएंगे।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
6 मिनट पहले
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दोनों देशों के नेता MoU पर डिटिजल तरीके से साइन करेंगे

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस।
CNN ने सूत्रों के हवाले बताया है कि अमेरिका और ईरान के अधिकारी समझौते पर डिजिटल तरीके से हस्ताक्षर कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि आमने-सामने बैठक कराने में सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जुड़ी कई मुश्किलें आ सकती हैं। साथ ही, ऐसी बैठक से बातचीत के बीच में अटकने या समझौता पटरी से उतरने का जोखिम भी बढ़ सकता है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर होने के बाद बातचीत का नया 60 दिन का चरण शुरू होगा। इस दौरान दोनों पक्ष इस बात पर चर्चा करेंगे कि समझौते की शर्तों को जमीन पर कैसे लागू किया जाए और बाकी बचे विवादित मुद्दों को कैसे सुलझाया जाए।
ट्रम्प ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा कि समझौते पर या तो वह इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हस्ताक्षर करेंगे या फिर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षर करेंगे।
इससे पहले जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज से कहा कि जेनेवा में साइनिंग प्रोग्राम को लेकर अभी काम चल रहा है। वह खुद वहां जा सकते हैं। सब कुछ ठीक रहा तो खुद राष्ट्रपति भी वहां ट्रम्प भी वहां जा सकते हैं।
38 मिनट पहले
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ईरान का 24 अरब डॉलर विदेशों में फंसा

51 मिनट पहले
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साइन के बाद होर्मुज से हटेगी अमेरिकी नाकेबंदी

अमेरिकी नाकेबंदी के कारण होर्मुज स्ट्रेट में कई जहाज फंसे हुए हैं। तस्वीर 26 अप्रैल 2026 की है।
अमेरिकी सेना को निर्देश मिला है कि अगर शुक्रवार को ईरान के साथ पीस डील (MoU) पर साइन हो जाते हैं, तो उसी दिन होर्मुज स्ट्रेट में जारी अमेरिकी नाकेबंदी हटा दी जाए। यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी ने दी है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार को समझौते की घोषणा करते हुए कहा था कि वह ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी दे रहे हैं। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद खोला जाएगा, ताकि वहां मौजूद संभावित बारूदी सुरंगों को हटाया जा सके।
अमेरिका ने यह नौसैनिक नाकेबंदी अप्रैल के मध्य में लगाई थी, जब युद्ध शुरू हुए करीब छह सप्ताह हो चुके थे। हालांकि अमेरिकी अधिकारी ने यह भी कहा कि फिलहाल यही योजना है, लेकिन शुक्रवार तक हालात बदल भी सकते हैं।
02:36 AM15 जून 2026
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अमेरिका-ईरान में शर्तों को लेकर नया विवाद
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की शर्तों को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। अमेरिका ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद 60 दिन की वार्ता शुरू होने से पहले ईरान को उसके जमे हुए अरबों डॉलर के फंड जारी कर दिए जाएंगे।
एक अमेरिकी अधिकारी ने CNN से कहा, “यह पूरी तरह गलत है। जब तक ईरान अपनी कमिटमेंट को लागू नहीं करेगा, तब तक कोई भी फंड जारी नहीं किया जाएगा।”
अमेरिका की यह प्रतिक्रिया ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगले चरण की बातचीत तभी शुरू होगी जब वॉशिंगटन पहले अपने कई वादे पूरे करेगा। इनमें ईरान के विदेशों में फ्रीज्ड 24 अरब डॉलर के फंड जारी करना भी शामिल है।
दोनों देशों के बयानों से साफ है कि समझौते की व्याख्या को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका को पहले अपने वादे पूरे करने होंगे, जबकि अमेरिका का कहना है कि पहले ईरान को अपनी कमिटमेंट पर अमल करना होगा।

02:21 AM15 जून 2026
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जंग खत्म होने की आहट के बीच शेयर बाजार में तेजी
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के समझौते की घोषणा के बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयर बाजारों में बहुत तेजी देखी गई।
जापान का प्रमुख शेयर सूचकांक निक्केई 225 सुबह के कारोबार में 5% से ज्यादा उछल गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.7% चढ़ा।
ताइवान का ताइएक्स 2.7% बढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 करीब 1.5% मजबूत हुआ।
अमेरिकी शेयर बाजारों के फ्यूचर्स में भी तेजी रही। S&P 500 से जुड़े फ्यूचर्स करीब 1% और तकनीकी कंपनियों पर आधारित नैस्डैक फ्यूचर्स 1.6% तक चढ़ गए।
02:13 AM15 जून 2026
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दुनियाभर के देशों ने पीस डील का स्वागत किया
अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का दुनिया के कई देशों और नेताओं ने स्वागत किया है।
कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष अच्छी भावना के साथ आगे बढ़ेंगे, ताकि शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस समझौते को एक अहम कदम बताया।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब समेत मध्यस्थता में शामिल देशों की सराहना की।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समझौता ज्ञापन को जल्द और पूरी तरह लागू करने की अपील की।
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन ने भी समझौते का स्वागत किया, लेकिन साथ ही सभी पक्षों से तनाव बढ़ाने वाले बयानों, उकसावे वाली गतिविधियों और किसी भी भड़काऊ कार्रवाई से बचने की अपील की।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीजी ने सभी पक्षों से इस अवसर का उपयोग बातचीत और कूटनीति के जरिए स्थायी शांति स्थापित करने के लिए करने की अपील की।
01:53 AM15 जून 2026
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ट्रम्प समझौते पर साइन करने जेनेवा जा सकते हैं
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अगर ईरान समझौते की शर्तों का पालन करता है, तो अमेरिका और ईरान के बीच हुआ यह समझौता अगले 50 वर्षों के लिए मिडिल ईस्ट की तस्वीर बदल सकता है।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि इस समझौते का सबसे बड़ा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार न हो। उन्होंने कहा कि समझौते के जरिए ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने, हासिल करने या खरीदने की किसी भी कोशिश से रोका जाएगा।
वेंस ने यह भी बताया कि ट्रम्प सरकार अभी यह तय कर रही है कि 19 जून को जिनेवा में होने वाले समझौते के हस्ताक्षर समारोह में कौन-कौन शामिल होगा। उन्होंने कहा, “मेरा वहां जाने का पूरा इरादा है, लेकिन यह भी संभव है कि राष्ट्रपति ट्रम्प खुद समारोह में मौजूद रहें।”
01:36 AM15 जून 2026
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14 पॉइंट के MoU में क्या-क्या है
ईरानी सरकारी मीडिया मेहर न्यूज के अनुसार, दोनों देशों के बीच पीस डील का मसौदा 14 प्वाइंट्स का है। हालांकि व्हाइट हाउस ने अभी तक MoU के डिटेल्स पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
- ईरान, लेबनान और बाकी सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत बंद होगा।
- अमेरिका और इजराइल फिर कोई नया युद्ध शुरू नहीं करने की गारंटी देंगे।
- अमेरिका इजराइल की ओर से भी सुरक्षा गारंटी देगा।
- होर्मुज से अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी।
- ईरानी जहाजों और समुद्री व्यापार पर लगी पाबंदियां खत्म की जाएंगी।
- 30 दिनों के भीतर समुद्री व्यापार को पहले की तरह बहाल किया जाएगा।
- होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खोला जाएगा।
- ईरान के अरबों डॉलर के फ्रीज्ड फंड जारी किए जाएंगे।
- शुरुआती चरण में फ्रीज्ड फंड का आधा हिस्सा जारी होगा।
- ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- अमेरिका प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों तरह के प्रतिबंध हटाने पर बातचीत करेगा।
- अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान के आसपास के इलाकों से सैन्य मौजूदगी कम करेगा।
- ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने की अपना कमिटमेंट दोहराएगा। 60% एनरिच्ड यूरेनियम के मुद्दे पर आगे बातचीत होगी।
- 60 दिन की आखिरी बातचीत होगी, जिसमें परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर समझौते की कोशिश होगी।
01:28 AM15 जून 2026
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ट्रम्प बोले- ईरान नहीं माना तो अमेरिका के पास 2 रास्ते

ट्रम्प का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध रोकने का समझौता हो गया है, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। उनके मुताबिक आने वाले हफ्तों में ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर ऐसा समझौता करना होगा जिससे अमेरिका संतुष्ट हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सख्त कदम उठा सकता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि पहला ऑप्शन यह होगा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू कर दे। या फिर दूसरा ऑप्शन यह होगा कि अमेरिका ‘मिडिल ईस्ट का संरक्षक’ बन जाएगा। इसके बदले अमेरिका, मिडिल ईस्ट की आय का 20% हिस्सा लेगा।
हालांकि ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि यह व्यवस्था व्यवहार में कैसे लागू होगी। मिडिल ईस्ट कोई एक देश नहीं है, बल्कि कई देशों का एक इलाका है। इसलिए पूरे क्षेत्र की आय का 20% लेने का कोई मौजूदा अंतरराष्ट्रीय ढांचा नहीं है। न ही किसी अरब देश या खाड़ी देश ने ऐसे किसी प्लान का समर्थन किया है।
01:18 AM15 जून 2026
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ट्रम्प ने बिना टैक्स के होर्मुज स्ट्रेट का खुलना बड़ी उपलब्धि बताया
राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ हुए समझौते से आखिरकार यह तय होगा कि होर्मुज स्ट्रेट हमेशा के लिए बिना किसी टैक्स के खुला रहेगा। न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रम्प ने इस अहम समुद्री मार्ग के दोबारा खुलने को समझौते की बड़ी उपलब्धि बताया।
हालांकि युद्ध शुरू होने से पहले भी ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टोल या टैक्स नहीं लगाता था। इसलिए ट्रम्प जिस टोल-फ्री सिस्टम की बात कर रहे हैं, वह वास्तव में युद्ध से पहले की सामान्य स्थिति को बहाल करने जैसा है, कोई नई व्यवस्था नहीं।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। युद्ध से पहले दुनिया के करीब 20% तेल और बड़ी मात्रा में गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती थी। संघर्ष के दौरान यह मार्ग वैश्विक बाजारों के लिए सबसे बड़ा जोखिम बन गया था। इसी वजह से इसके दोबारा खुलने को तेल बाजार और वैश्विक व्यापार के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

01:09 AM15 जून 2026
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सीजफायर के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 4% गिरावट
अमेरिका-ईरान ने करीब 107 दिन बाद युद्ध खत्म करने के लिए शांति समझौते पर सहमति जताई है। इस घोषणा के बाद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में 4% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
सोमवार को एशियाई कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। क्रूड ऑयल का भाव 4.39 फीसदी टूटकर 81.15 डॅालर प्रति बैरल पर आ गया।
12:53 AM15 जून 2026
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मुश्किल मुद्दों पर अभी भी कोई फैसला नहीं हुआ
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक दोनों देश इस समझौते को अपनी-अपनी कूटनीतिक जीत के रूप में पेश करना चाहते हैं। लेकिन कई सबसे कठिन मुद्दे अब भी हल नहीं हुए हैं। इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भविष्य और तेहरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन पर आगे की बातचीत में फैसला किया जाएगा।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने अपने बयान में कहा कि समझौते के तहत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान तुरंत रोके जाएंगे। इसमें लेबनान भी शामिल है, जहां इजराइल और ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई चल रही है। अमेरिका-ईरान वार्ता का हिस्सा नहीं रहे इजराइल ने अभी तक इस समझौते पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
रविवार को दिन में ऐसा लग रहा था कि समझौता खतरे में पड़ सकता है। इसकी वजह इजराइल का लेबनान पर हमला करना था।
12:44 AM15 जून 2026
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ईरान ने ट्रम्प के जन्मदिन पर समझौते की घोषणा नहीं की
ईरान नहीं चाहता था कि अमेरिका के साथ हुए समझौते का ऐलान ट्रम्प के जन्मदिन पर हो। इसलिए उसने घोषणा को कुछ घंटों के लिए टाल दिया।
आखिरकार समझौते की घोषणा ईरान में आधी रात के कुछ मिनट बाद की गई। इससे ईरान में तारीख सोमवार हो गई, जबकि अमेरिका में अभी भी रविवार था। यानी ट्रम्प के जन्मदिन पर समझौते का ऐलान होने से ईरान ने काफी हद तक बचाव कर लिया।








