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Iran Hormuz Strait Threat | Global Oil Supply Danger


तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी2 मिनट पहले

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अमेरिका-ईरान समझौते के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने नई चेतावनी दी है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के बाद ईरान पहले से ज्यादा ताकतवर हो गया है।

खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि अब ईरान जब चाहे होर्मुज को बंद कर सकता है। रिपोर्ट से परिचित तीन सूत्रों ने बताया कि युद्ध के बाद ईरान के पास वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की एक और नई ताकतवर क्षमता आ गई है।

अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान के पास ऐसा हथियार मिल गया है जो परमाणु बम से ज्यादा असरदार है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर परमाणु बातचीत टूटती है, तो यमन के हूती विद्रोहियों के जरिए बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में भी संकट पैदा कर सकता है। ऐसे में दुनिया के दो बड़े समुद्री व्यापार मार्ग एक साथ प्रभावित हो सकते हैं।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

1. होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही का भरोसा: ईरान और ओमान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया।

2. ट्रम्प बोले- हिजबुल्लाह से सीरिया निपट सकता है: डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अगर इजराइल हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई में आम लोगों की मौत नहीं रोक पा रहा है, तो सीरिया यह जिम्मेदारी संभाल सकता है।

3. लेबनान में जंग खत्म करने की मांग: ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि सिर्फ ईरान में संघर्ष रुकना काफी नहीं है। उन्होंने मांग की कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो और इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे हटे।

4. अमेरिका-ईरान बातचीत पर चीन की चेतावनी: चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि मौजूदा सहमति अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा चरण पहले से ज्यादा मुश्किल होगा और स्थायी शांति के लिए सभी पक्षों को लगातार प्रयास करने होंगे।

5. कुछ दिनों में पूरा ईरान समझौता सार्वजनिक होगा: ट्रम्प ने कहा कि वह अगले कुछ दिनों में अमेरिका-ईरान समझौते का पूरा दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समझौते को शब्द-दर-शब्द पढ़कर भी सुनाएंगे, ताकि उसकी सही जानकारी सामने आ सके।

ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

2 मिनट पहले

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अमेरिका-ईरान के बीच 14 मुद्दों पर बातचीत होगी

अमेरिका और ईरान के बीच के बीच एक लिखित सहमति (MoU) बन गई है कि जंग रोकने को लेकर किन शर्तों पर बातचीत होगी। 15 जून को दोनों देशों के नेताओं ने इस पर इलेक्ट्रॉनिक साइन भी कर दिया था।

अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के 19 जून को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक झील किनारे स्थित रिसॉर्ट में इकट्ठा होने की उम्मीद है। वहां दोनों देश शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही 60 दिन के युद्धविराम और बातचीत का समय शुरू होगा।

15 मिनट पहले

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ट्रम्प या ओबामा ईरान के साथ किसने बेहतर डील की

ट्रम्प लगातार दावा कर रहे हैं कि उनका ईरान के साथ समझौता ओबामा सरकार के परमाणु समझौते से अच्छा है। उनका कहना है कि ओबामा की डील ईरान को परमाणु हथियार तक पहुंचने का रास्ता देती थी, जबकि उनकी डील उसके खिलाफ एक मजबूत दीवार है।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अभी दोनों डील की तुलना करना मुश्किल है। ट्रम्प की मौजूदा डील अभी सिर्फ युद्धविराम, होर्मुज को 60 दिनों के लिए पूरी तरह खोलने और भविष्य में परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने का एक मसौदा भर है। परमाणु कार्यक्रम पर असली बातचीत अभी बाकी है।

ट्रम्प के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती शुरू हो रही है। उन्हें साबित करना होगा कि तीन महीने तक चले युद्ध और उसके भारी आर्थिक व मानवीय नुकसान के बदले अमेरिका को क्या हासिल हुआ।

2015 के समझौते में ईरान ने अपने लगभग 97% परमाणु ईंधन भंडार को देश से बाहर भेज दिया था। लेकिन मौजूदा समझौते में ईरान के मौजूदा यूरेनियम भंडार का क्या होगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। यह भी तय नहीं है कि ईरान के परमाणु केंद्र बंद होंगे या नहीं, भविष्य में यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) की अनुमति होगी या नहीं और मिसाइल कार्यक्रम पर क्या प्रतिबंध लगेंगे।

33 मिनट पहले

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ईरान की टीम को मैच खत्म होते ही अमेरिका छोड़ना होगा

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ईरान की फुटबॉल टीम विश्व कप के ग्रुप मैचों के बाद देश में नहीं रुक सकेगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, लॉस एंजिलिस और सिएटल में अपने मुकाबले खत्म होने के कुछ घंटों के भीतर ही टीम को अमेरिका छोड़ना होगा।

यह बयान ईरानी खिलाड़ियों और अधिकारियों को वीजा जारी करने तथा उनके अमेरिका में ठहरने को लेकर उठे विवाद के बीच आया है। इस मुद्दे पर आलोचना होने के बाद व्हाइट हाउस की फीफा टास्क फोर्स के कार्यकारी निदेशक एंड्रयू जूलियानी ने कहा, “हमने पहले ही कह दिया था कि प्रक्रिया यही होगी।”

37 मिनट पहले

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ट्रम्प बोले- ओबामा के सामने गिड़गिड़ाए थे नेतन्याहू

राष्ट्रपति ट्रम्प ने मंगलवार को 2015 के ईरान परमाणु समझौते को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तत्कालीन बराक ओबामा से यह समझौता न करने के लिए गिड़गिड़ाए थे, लेकिन ओबामा ने उनकी बात नहीं मानी।

ट्रम्प ने ओबामा पर आरोप लगाया कि उन्होंने इजराइल के बजाय ईरान का साथ दिया था। G7 समिट के दौरान एक बैठक में ट्रम्प ने ईरान के साथ हो रहे नए समझौते की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह डील ईरान के परमाणु हथियार तक पहुंचने के रास्ते को रोकने वाली दीवार है। अगर ओबामा वाली डील जारी रहती तो अब तक ईरान परमाणु हथियार तक पहुंच चुका होगा।

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