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India Summons Ukraine Ambassador Over Sailor Sagar Gupta Death


नई दिल्ली12 मिनट पहले

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यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक भारतीय विदेश मंत्रालय कार्यालय से बाहर निकलते हुए।

भारत ने ब्लैक सी में एक जहाज पर हुए हमले में भारतीय नाविक की मौत के मामले में यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया है। भारतीय नाविकों की यूनियनों ने हमले के लिए यूक्रेनी ड्रोन को जिम्मेदार बताया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को यूक्रेन के सामने मजबूती से उठाया है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज एमवी ओमोर्फी पर 18 जुलाई को ब्लैक सी से गुजरते समय हमला हुआ था। मंत्रालय ने पिछले हफ्ते जारी एक बयान में कहा था कि यह हमला कथित तौर पर रूसी क्षेत्रीय जलक्षेत्र में हुआ।

हमले के समय जहाज पर 10 क्रू मेंबर सवार थे। इनमें 3 भारतीय नागरिक थे। हमले में भारतीय क्रू मेंबर और चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत हो गई। जहाज पर मौजूद दो अन्य भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए हैं।

जहाज एमवी ओमोर्फी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता, जिनकी हमले में मौत हुई ।

भारत ने हमले की निंदा की

भारत ने जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल शिपिंग और नागरिक क्रू मेंबर पर हमले स्वीकार नहीं किए जा सकते।

मंत्रालय ने सभी पक्षों से समुद्री आवाजाही की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वैश्विक व्यापार के मुक्त प्रवाह को बनाए रखने की अपील की है। भारत का कहना है कि कमर्शियल शिपिंग रूट्स की सुरक्षा जरूरी है और नागरिक नाविकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला जहाज था एमवी ओमोर्फी

एमवी ओमोर्फी मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला बल्क कैरियर है। इसे 2010 में बनाया गया था। यह उस क्षेत्र में संचालित हो रहा था, जहां रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच व्यापारी जहाजों पर बार-बार हमले हुए हैं।

इस घटना ने ब्लैक सी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों के सामने बढ़ते सुरक्षा जोखिम को भी सामने रखा है। भारतीय नाविक दुनिया की मर्चेंट नेवी में सबसे बड़े समूहों में शामिल हैं।

एमवी ओमोर्फी पर हमले के बाद की 3 तस्वीरें…

भारतीय नाविकों और शिपिंग कंपनियों को एडवाइजरी

भारतीय अधिकारियों ने नाविकों और शिपिंग कंपनियों को एडवाइजरी जारी कर ब्लैक सी या उसके आसपास के इलाकों में काम से पहले सुरक्षा जोखिमों का सावधानी से आकलन करने को कहा है।

एडवाइजरी में नाविकों और शिपिंग कंपनियों को समुद्री मार्गों की पुष्टि करने, इंश्योरेंस कवरेज की जांच करने और इमरजेंसी प्रक्रियाओं को समझने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी असाइनमेंट को स्वीकार करने से पहले इन पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है।

हमले में यूक्रेनी ड्रोन के इस्तेमाल का आरोप

भारतीय नाविकों की यूनियनों ने इस हमले के लिए यूक्रेनी ड्रोन को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यूक्रेन की ओर से इस आरोप की पुष्टि का उल्लेख नहीं है। हमले की जिम्मेदारी और इसकी पूरी परिस्थितियों को लेकर उपलब्ध कॉपी में आगे की जानकारी नहीं दी गई है।

भारत ने इससे पहले भी कमर्शियल शिपिंग लेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। नई दिल्ली लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि समुद्री रास्तों से होने वाले वैश्विक व्यापार को सुरक्षित रखा जाए और नागरिक नाविकों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता न हो।

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