हरियाणा सरकार ने किसानों और आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) की 10 महत्वपूर्ण सेवाओं को हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के दायरे में शामिल करते
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इसके तहत अब इन सेवाओं के लिए निर्धारित समय सीमा तय कर दी गई है। यदि तय समय में सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ राइट टू सर्विस एक्ट के तहत शिकायत और अपील की जा सकेगी।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में प्रत्येक सेवा के लिए डिजाइनेटेड ऑफिसर (नामित अधिकारी), प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी और द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी भी निर्धारित किए गए हैं। इससे सेवा वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह होगी।

किसानों और प्लॉट धारकों को होगा ज्यादा फायदा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंडी बोर्ड से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विशेष रूप से एनओसी, कन्वेयंस डीड, नो ड्यूज सर्टिफिकेट, संपत्ति के पुनः हस्तांतरण, जे-फॉर्म जारी करने और कृषि दुर्घटनाओं में अनुग्रह सहायता जैसी सेवाओं को निश्चित समय में पूरा करना अनिवार्य होगा। इससे मंडी बोर्ड के कार्यालयों में लंबित मामलों की संख्या कम होने की उम्मीद है।
देरी होने पर मिलेगी शिकायत का अधिकार
राइट टू सर्विस एक्ट के तहत यदि संबंधित अधिकारी निर्धारित समय सीमा में सेवा उपलब्ध नहीं कराता है तो आवेदक पहले प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी और उसके बाद द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। इससे अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी।







