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'CJP के धरने में न जाती तो धब्बा लगता':रोहतक की सस्पेंड लेडी टीचर बोलीं- बेटे को रोता छोड़कर गई; मां का फर्ज निभाया




मैं किसी राजनीतिक पार्टी के समर्थन में दिल्ली नहीं पहुंची थीं, बल्कि अपने बेटे और लाखों युवाओं के दर्द को लेकर जंतर-मंतर गई थीं। पेपर लीक के कारण बेटे की भर्ती रद्द हो गई, जिसके बाद वह तनाव में चला गया। बेटे को रोता हुआ देख खुद को रोक नहीं सकीं और एक मां होने के नाते युवाओं के समर्थन में दिल्ली चली गईं। ये बातें दैनिक भास्कर से बात करते हुए सुलेखा दलाल ने कहीं। रोहतक की लेडी टीचर सुलेखा कॉकरोच जनता पार्टी के धरने को समर्थन देने गई थी, जिसके बाद 8 जून को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। धरने के दौरान सुलेखा मीडिया से बातचीत के दौरान NEET व प्रतियोगी एग्जाम के पेपर लीक मामले पर नाराजगी जता रहीं थी। इसके बाद 10 जून को रोहतक के जिला एलिमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर (DEEO) की ओर से उनका सस्पेंशन लेटर जारी हुआ था। सुलेखा दलाल रोहतक के रैनकपुरा कॉलोनी के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में प्राइमरी (पीआरटी) गेस्ट टीचर हैं। उन्होंने कहा कि अगर बेटे के लिए जंतर- मंतर न जाती तो माथे पर हमेशा के लिए धब्बा लग जाता। लेडी टीचर ने बताया, प्रोटेस्ट में शामिल क्यों हुई… सस्पेंशन पर क्या बोलीं सुलेखा दलाल… कारण तक नहीं बताया गया सुलेखा ने कहा- जारी किए गए सस्पेंशन लेटर में कहीं भी कारण का उल्लेख नहीं किया गया है। मैं सरकार और प्रशासन से पूछना चाहती हूं कि मुझे किस वजह से सस्पेंड किया गया। मुझे जानबूझकर टारगेट गिया जा रहा है। जब तक सस्पेंशन का कारण नहीं बताया जाता, तब तक मैं चुप नहीं बैठूंगी और लगातार इस सवाल को उठाती रहूंगी। उन्होंने आगे कहा कि दोबारा प्रदर्शन में जाना जरूरी नहीं है, क्योंकि वह खुद एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं और अपनी सोशल मीडिया के माध्यम से अपना दर्द और युवाओं की आवाज लोगों तक पहुंचा सकती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री भी उनका दर्द नहीं समझ रहे हैं। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। परमिशन नहीं ली, मर्जी से गई सुलेखा का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उन्होंने किसी से कोई परमिशन नहीं ली थी और न ही किसी संगठन के बैनर तले गई थीं। वह अपनी मर्जी से जंतर-मंतर पहुंची थीं। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। अपने बच्चों के लिए आवाज उठाने से किसी को नहीं रोका जा सकता। कोर्ट जाने के सवाल पर सुलेखा ने कहा कि अभी कोई ऐसा विचार नहीं है। उनकी प्राथमिकता युवाओं और अपने बेटे की आवाज को उठाना है। अब कई टीचर एसोसिएशन के अलावा अन्य संगठनों से भी समर्थन मिल रहा है। लोग उनके पक्ष में खड़े हैं और उनकी बात समझ रहे हैं। नौकरी जरूरी, लेकिन बेटे की जिंदगी बड़ी जब उनसे पूछा गया कि इस प्रकार के प्रदर्शन में शामिल होने से नौकरी भी जा सकती है, तो उन्होंने कहा कि नौकरी एक मिडिल क्लास परिवार के लिए जरूरी होती है, लेकिन उनका बेटा सुसाइड जैसा कदम उठा लेता है तो वह खुद को कभी माफ नहीं कर पाएंगी। बेटे को रोता हुआ देखकर भी चुप रहतीं और उसके लिए जंतर- मंतर पर आवाज नहीं उठातीं तो मां होने के नाते यह उनके माथे पर धब्बा होता। कौन हैं सुलेखा दलाल… सुलेखा दलाल मूल रूप से बहादुरगढ़ की रहने वाली हैं। उनकी शादी दिल्ली के रसूलपुर में हुई है। उन्होंने ग्रेजुएशन के जेबीटी (जूनियर बेसिक ट्रेनिंग) कोर्स किया है। सुलेखा रोहतक के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल रैनकपुरा में जेबीटी टीचर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2007 में सरकारी नौकरी जॉइन की थी। और 2008 से इसी स्कूल में पढ़ा रही हैं। सुलेखा ने बताया कि पिछले करीब पांच साल से सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। वह भजन गायन, डांस और धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़ा कंटेंट बनाती हैं। शुरुआत में उन्होंने इसे शौक के तौर पर शुरू किया था, लेकिन बाद में प्रोफेशनल तरीके से काम करने लगीं। ——————- यह खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन करने गई लेडी टीचर सस्पेंड: बेटा कंपीटिशन की तैयारी कर रहा; VIDEO सामने आने पर रोहतक शिक्षा विभाग का एक्शन दिल्ली जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के धरने को समर्थन देने गई रोहतक की लेडी टीचर सुलेखा दलाल को सस्पेंड कर दिया गया है। उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो मीडिया से बातचीत के दौरान NEET व प्रतियोगी एग्जाम के पेपर लीक मामले पर नाराजगी जता रहीं थी। (पूरी खबर पढ़ें)



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