spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

बैंक धोखाधड़ी मामले में AAP विधायक समेत चार को बेल:40.2 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला; सीबीआई ने दर्ज किया था केस




पंजाब में बैंक से 40.02 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई द्वारा आम आदमी पार्टी के विधायक अमरगढ़ से MLA जसवंत सिंह गज्जन माजरा, उनके भाई बलवंत सिंह, कुलवंत सिंह और तेजिंदर सिंह को अदालत से राहत मिली है। अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है। इससे पहले उन्हें सरेंडर किया था। यह मामला IPC की धाराओं 120B, 420, 421, 406, 409 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) आर/डब्ल्यू 13(1) (डी) के तहत दर्ज किया गया है। इससे पहले आरोपियों ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने CBI और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर कर दी। अदालत के आदेश में कहा गया कि रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी ज़ोनल मैनेजर (रिकवरी) प्रमोद चंद्र शर्मा की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत 01.12.2020 को लुधियाना के सिविल लाइंस थाने में दी गई थी। इस तरह फंडों हुआ था खेल शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मैसर्स तारा कॉर्पोरेशन लिमिटेड को दी गई कैश क्रेडिट सुविधा में फंड्स का दुरुपयोग किया गया, जिससे बैंक को 40.02 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कंपनी की स्थापना 19.11.2010 को हुई थी और यह अनाज एवं कृषि उत्पादों के व्यापार में कार्यरत थी। बाद में डिफॉल्ट के कारण मामला दर्ज हुआ। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी और आरोपियों को समन जारी किए गए थे। अदालत ने आदेश दिया था कि आरोपियों को पासपोर्ट जमा करना होगा और विदेश जाने से पहले अनुमति लेनी होगी। अब कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे अदालत के आदेश में कहा गया कि रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी ज़ोनल मैनेजर (रिकवरी) प्रमोद चंद्र शर्मा की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत 01.12.2020 को लुधियाना के सिविल लाइंस थाने में दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मैसर्स तारा कॉर्पोरेशन लिमिटेड को दी गई कैश क्रेडिट सुविधा में फंड्स का दुरुपयोग किया गया, जिससे बैंक को 40.02 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 2010 में बनाई थी कंपनी कंपनी की स्थापना 19.11.2010 को हुई थी और यह अनाज एवं कृषि उत्पादों के व्यापार में कार्यरत थी। बाद में डिफॉल्ट के कारण मामला दर्ज हुआ। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी और आरोपियों को समन जारी किए गए थे। विदेश जाने से पहले लेनी होगी अनुमति अदालत ने आदेश दिया था कि आरोपियों को पासपोर्ट जमा करना होगा और विदेश जाने से पहले अनुमति लेनी होगी। अब अदालत ने चारों आरोपियों को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी है और वे आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles