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सोनीपत नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मेयर पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा करते हुए एक बार फिर अनुभवी चेहरे पर भरोसा जताया है। पार्टी ने राजीव जैन को मैदान में उतारकर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। पहले उपचुनाव में जीत हासिल कर चुके राजीव जैन अब दोबारा कांग्रेस प्रत्याशी कमल दीवान के सामने होंगे। दोनों नेताओं के आमने-सामने आने से इस बार का चुनाव बेहद रोमांचक माना जा रहा है, जहां स्थानीय समीकरण और वोट बैंक की भूमिका निर्णायक साबित होगी।
भाजपा ने दोबारा जताया भरोसा, कार्यकर्ताओं में उत्साह
भाजपा द्वारा राजीव जैन को मेयर पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ और संगठन में सक्रिय भूमिका के चलते पार्टी नेतृत्व ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। कार्यकर्ता इसे जीत की ओर मजबूत कदम मान रहे हैं।
उपचुनाव में बड़ी जीत से बढ़ा कद
राजीव जैन ने पिछले उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार कमल दीवान को 34,766 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। इस जीत ने उनकी राजनीतिक पकड़ और लोकप्रियता को और मजबूत किया। यही कारण है कि भाजपा ने उन्हें दोबारा मैदान में उतारने का फैसला लिया।
फिर आमने-सामने जैन बनाम दीवान
बुधवार को कांग्रेस प्रत्याशी कमल दीवान द्वारा नामांकन दाखिल करने के बाद अब मुकाबला पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। एक बार फिर राजीव जैन और कमल दीवान आमने-सामने होंगे। पिछले चुनाव का परिणाम देखते हुए इस बार कांग्रेस के लिए चुनौती और कठिन मानी जा रही है।
पंजाबी वोट बैंक रहेगा निर्णायक
सोनीपत नगर निगम चुनाव में पंजाबी वोटर्स का प्रभाव काफी अहम माना जाता है। स्थानीय राजनीति में यह वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। जिस पार्टी की ओर इस वर्ग का झुकाव होता है, अक्सर वही जीत की ओर बढ़ती है। ऐसे में सभी पार्टियों की नजर इस वोट बैंक पर टिकी हुई है।
कौन हैं राजीव जैन
राजीव जैन सोनीपत के निवासी हैं और वर्तमान में मेयर पद पर रह चुके हैं। उनका जन्म 12 फरवरी 1964 को हुआ था। उन्होंने बीकॉम तक शिक्षा प्राप्त की और 1986 से 1993 तक पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कार्य किया। वे हरियाणा सरकार में मीडिया सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साथ ही वे कैबिनेट मंत्री और दो बार विधायक रही कविता जैन के पति हैं।
राजनीतिक सफर और अनुभव
राजीव जैन ने 1985 में पढ़ाई पूरी करने के बाद भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ पदयात्रा कर जनजागरण अभियान चलाया। 1993 में उन्होंने हरियाणा विकास पार्टी जॉइन की और राज्य प्रेस सचिव व बाद में महासचिव बने। 1996 से 1999 तक वे मुख्यमंत्री चौधरी बंशीलाल के मीडिया सलाहकार रहे।
चुनावी राजनीति में उतार-चढ़ाव
साल 2000 में उन्होंने हरियाणा विकास पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और तीसरे स्थान पर रहे। 2005 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर पहुंचे। 2007 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन पार्टी के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ा। अब वे पहली बार भाजपा से मेयर पद के लिए चुनावी मैदान में हैं।
संगठन में अहम जिम्मेदारियां
राजीव जैन भाजपा में प्रदेश मीडिया प्रभारी, प्रदेश उपाध्यक्ष और विभिन्न संगठनात्मक पदों पर रहे हैं। उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अप्रैल 2018 से सितंबर 2019 तक वे मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार भी रहे।
मुकाबला हुआ दिलचस्प
भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होने से इस बार का नगर निगम चुनाव बेहद रोचक हो गया है। जहां भाजपा अपने मजबूत संगठन और पिछले प्रदर्शन के दम पर मैदान में है, वहीं कांग्रेस भी वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। अब देखना होगा कि जनता किसे अपना मेयर चुनती है।
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बीजेपी ने राजीव जैन को मेयर उम्मीदवार बनाया:मजबूत पकड़ के दम पर मिला फायदा; पिछली हार का बदला लेने उतरी कांग्रेस







