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सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल के कुछ दिन पहले जमानत पर आने के बाद जहां उनके अनुयायियों में खुशी का माहौल है, वहीं अब इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। झज्जर जिले के कई नेता लगातार उनके आश्रम पहुंचकर मुलाकात कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। रामपाल की जमानत के बाद उनके आश्रम में गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। पहले जहां केवल अनुयायी बड़ी संख्या में पहुंचकर खुशी जता रहे थे, अब राजनीतिक हस्तियां भी वहां अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। झज्जर जिले से नेताओं के आश्रम पहुंचने का सिलसिला पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी है और हर दिन किसी न किसी नए चेहरे की मौजूदगी चर्चा का विषय बन रही है। सबसे पहले झज्जर जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान बिरधाना, जो भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं, सतलोक आश्रम पहुंचे और रामपाल महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। इसके ठीक अगले दिन बादली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स भी अपने समर्थकों के साथ आश्रम पहुंचे। उन्होंने भी रामपाल महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। लगातार दो दिनों में दो प्रमुख नेताओं के पहुंचने से यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। राजनीतिक मायने और बढ़ती चर्चाएं: स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन मुलाकातों के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। एक ओर जहां इसे व्यक्तिगत आस्था से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे जनाधार मजबूत करने और आगामी राजनीतिक समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। झज्जर जिले में रामपाल के अनुयायियों की संख्या अच्छी-खासी मानी जाती है। ऐसे में नेताओं का उनके आश्रम पहुंचना इस वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। इससे क्षेत्रीय राजनीति में नई संभावनाओं और समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधायक कुलदीप वत्स का सोशल मीडिया पोस्ट बादली से विधायक कुलदीप वत्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि माननीय संत रामपाल जी से भेंट कर बाढ़ के कठिन समय में बादली विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सहायता हेतु किए गए उनके सहयोग के लिए समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त किया। आपदा के समय दिया गया सहयोग मानवता, सेवा और संवेदनशीलता का सच्चा परिचय होता है। जिला परिषद चेयरमैन का सोशल मीडिया पोस्ट झज्जर जिला परिषद चेयरमैन (बीजेपी) ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूज्य संत रामपाल जी से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। समाज में सद्भाव, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उनके प्रयास अत्यंत प्रेरणादायी हैं। ऐसे कार्य समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आगे और बढ़ सकती है हलचल: सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में और भी कई नेता सतलोक आश्रम पहुंच सकते हैं। लगातार बढ़ती इस आवाजाही ने प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर हलचल बढ़ा दी है। फिलहाल, झज्जर से नेताओं के रामपाल महाराज के दरबार में पहुंचने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और इस पूरे घटनाक्रम पर क्षेत्र की जनता के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषकों की भी नजर बनी हुई है। जेल से बाहर आने के बाद रामपाल महाराज के पहले वीडियो संदेश के साथ ही उनके प्रति सामाजिक समर्थन भी बढ़ता नजर आ रहा है। उन्होंने अपने संदेश में जहां पुराने संघर्षों और आश्रम विवादों का जिक्र किया, वहीं वर्तमान में आश्रमों के विस्तार को अपनी आस्था और विश्वास की जीत बताया था। इस बीच खापों का रुख भी बदलता दिखाई दे रहा है। महम सर्वखाप के प्रतिनिधियों द्वारा सतलोक आश्रम पहुंचकर रामपाल का स्वागत करना इस बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
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रामपाल की जमानत के बाद नेताओं की आश्रम में हलचल:झज्जर से दो बड़े नेताओं की मुलाकात के बाद तेज हुई सियासी चर्चाएं







