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पंजाब के बहुचर्चित करोड़ों रुपए के सिंचाई घोटाले में पूर्व चीफ सेक्रेटरी सर्वेश कौशल समेत तीन रिटायर्ड IAS अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की विस्तृत जांच में इनके खिलाफ आरोपों को साबित करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला। ब्यूरो ने पूर्व स्पेशल चीफ सेक्रेटरी KBS सिद्धू और पूर्व सिंचाई सचिव कहान सिंह पन्नू को भी क्लीन चिट दी है। यह जानकारी पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट से सामने आई है। हाईकोर्ट ने 15 मई को राज्य सरकार को जांच 15 दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने यह आदेश इसलिए दिया था क्योंकि तीनों अधिकारियों के खिलाफ जांच तीन साल से अधिक समय से लंबित थी। 1,000-1,200 करोड़ रुपए के सिंचाई प्रोजेक्ट में घोटाले का आरोप मामला 2007 से 2017 के बीच अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में सिंचाई विभाग से जुड़े जल परियोजनाओं के आवंटन का है। आरोप था कि करीब 1,000 से 1,200 करोड़ रुपए के प्रोजेक्टों के टेंडर इस तरह तैयार किए गए कि उनका लाभ मुख्य ठेकेदार गुरिंदर सिंह को मिल सके। शिकायत में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक स्तर पर मिलीभगत के चलते सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया था। जानिए 588 पन्नों की जांच में क्या निकला:- अब अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर विजिलेंस ब्यूरो के ज्वाइंट डायरेक्टर (क्राइम) ने जांच रिपोर्ट तैयार कर इसे ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर को भेजा। चीफ डायरेक्टर ने 27 मई को रिपोर्ट अंतिम निर्णय के लिए पंजाब सरकार के सचिव, विजिलेंस को भेज दी। इसके बाद ब्यूरो की ओर से हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों रिटायर्ड IAS अधिकारियों के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त ठोस साक्ष्य नहीं मिले।
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