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ग्रीस में मृत अशोक कुमार का शव अमृतसर पहुंचा:30 साल पहले गए थे विदेश, 22 जुलाई को हार्ट अटैक से हुई थी मौत




जालंधर से संबंधित 55 वर्षीय अशोक कुमार का शव ग्रीस से भारत पहुंच गया है। दुबई के प्रसिद्ध कारोबारी और सरबत का भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संरक्षक डॉ. एस.पी. सिंह ओबरॉय के प्रयासों से अशोक कुमार का शव श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, अमृतसर पहुंचाया गया। अशोक कुमार की बीती 22 जुलाई को ग्रीस में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। शव भारत भेजने के नाम पर मांगे गए 5 लाख रुपये डॉ. एस.पी. सिंह ओबरॉय ने बताया कि अशोक कुमार करीब 30 साल पहले बेहतर भविष्य का सपना लेकर ग्रीस गया था। उसकी मौत के बाद परिवार को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर शव भारत भेजने के नाम पर पांच लाख रुपये की मांग की। फोन करने वाले ने परिवार को धमकी दी कि अगर तुरंत पैसे नहीं दिए गए तो अशोक कुमार को लावारिस घोषित कर ग्रीस में ही अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। अशोक कुमार की पत्नी रेखा ने डॉ. ओबरॉय से संपर्क कर अपनी मजबूरी बताई। उन्होंने कहा कि परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और इतनी बड़ी रकम देना उनके लिए संभव नहीं है। इसके बाद डॉ. ओबरॉय ने ग्रीस के एथेंस स्थित गुरुद्वारा नानक दरबार के अध्यक्ष दलजीत सिंह, जो सरबत का भला चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य भी हैं, से संपर्क किया। उनके प्रयासों से पूरे मामले का समाधान करवाकर अशोक कुमार का शव भारत भेजने की व्यवस्था की गई। अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद ट्रस्ट के पंजाब अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह हेर और मनप्रीत सिंह संधू की देखरेख में ट्रस्ट की मुफ्त एंबुलेंस के जरिए शव को अशोक कुमार के घर तक पहुंचाया गया। डॉ. ओबरॉय ने बताया कि शव को ग्रीस से भारत लाने का पूरा खर्च अशोक कुमार के साथ काम करने वाले उसके साथियों और ग्रीस के गुरुद्वारा साहिब के अध्यक्ष ने संगत के सहयोग से उठाया। 475 शव विदेशों से परिवारों तक पहुंचा चुके हैं ओबरॉय गौरतलब है कि डॉ. एस.पी. सिंह ओबरॉय के प्रयासों से अब तक करीब 475 बदनसीब लोगों के शव विदेशों से उनके परिवारों तक पहुंचाए जा चुके हैं। अमृतसर एयरपोर्ट पर शव लेने पहुंचे अशोक कुमार के भाई काला, बेटे विवेक कुमार, पत्नी रेखा और अन्य परिजनों ने डॉ. ओबरॉय का धन्यवाद किया। परिवार ने कहा कि उनके प्रयासों की वजह से ही उन्हें अशोक कुमार के अंतिम दर्शन नसीब हो सके।



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