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भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क और प्रदेश महासचिव तरसेम सिंह भट्ठल के आह्वान पर जिला इकाई जालंधर द्वारा पंजाब के वित्त मंत्री द्वारा संघर्ष कर रहे कर्मचारी संगठनों को ‘एंटी-स्टेट’ कहे जाने के विरोध में रोष प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर सरकार को संदेश दिया कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना देश विरोधी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है। संगठन के नेता तेजिंदर सिंह नंगल और जोरावर सिंह ने वित्त मंत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हुए पंजाब सरकार से मांग करते हुए कहा कि कर्मचारी संगठनों को ‘एंटी-स्टेट’ कहे जाने वाले शब्द तत्काल वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने जायज अधिकारों और मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। कर्मचारियों ने 17-07-2020 के कर्मचारी विरोधी पत्र को तत्काल रद्द कर 31,100 रुपये बेसिक वेतन देने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और एसीपी योजना लागू करने की मांग की। इसके अलावा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, 2.59 के गुणांक के साथ पेंशनरों को पेंशन का लाभ देने, परिवीक्षा अवधि के दौरान कर्मचारियों को पूरे वेतन संबंधी भत्ते देने तथा समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने बंद किए भत्ते तत्काल बहाल करने और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के डीए संबंधी फैसले को तुरंत लागू कर कर्मचारियों को बनता महंगाई भत्ता और बकाया जारी करने की मांग की। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणजीत सिंह, पवन कुमार, हरमन, जसवंत सिंह, हरभजन सिंह, सुखजीत सिंह शिक्षा विभाग समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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