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लुधियाना नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही और ढुलमुल रवैये के खिलाफ आम जनता और जन प्रतिनिधियों का गुस्सा अब सड़कों पर नजर आने लगा है। वार्ड नंबर 7 में पिछले कई दिनों से चल रही सीवरेज की भारी समस्या का समाधान न होने पर पार्षद पति रविंदर मोनू खिंडा ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अधिकारियों द्वारा बार-बार अनदेखी किए जाने से नाराज होकर रविंदर मोनू खिंडा अपनी पत्नी पार्षद के साथ नगर निगम जोन डी स्थित कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। अधिकारियों पर जानबूझकर काम न करने का आरोप रविंदर मोनू खिंडा ने निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके वार्ड में पिछले काफी दिनों से सीवरेज जाम की गंभीर समस्या बनी हुई है। इलाके के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, लेकिन नगर निगम के अफसर जानबूझकर इस समस्या का हल नहीं कर रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद किसी भी संबंधित अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी और न ही वार्ड में कोई काम शुरू करवाया गया। इसी तानाशाही रवैये के विरोध में उन्हें मजबूरन अपने परिवार के साथ कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठना पड़ा है। ज़ोनल कमिश्नर मनाने पहुंचे, पर नहीं माने खिंडा, हुई जमकर नारेबाजी सिस्टम की बेरुखी का आलम यह रहा कि शुरुआत में करीब 2 घंटे तक किसी भी अधिकारी ने धरना दे रहे परिवार की सुध नहीं ली। इसके बाद जब माहौल गरमाया, तो ज़ोनल कमिश्नर खुद मौके पर पहुंचे और उन्होंने रविंदर मोनू खिंडा और उनकी पत्नी को मनाने का काफी प्रयास किया। हालांकि, खिंडा अपनी मांगों पर अड़े रहे और धरना खत्म करने से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। जिला प्रधान संजय तलवाड़ ने दिया समर्थन धरने की सूचना मिलते ही कांग्रेस के जिला प्रधान संजय तलवाड़ भी रविंदर मोनू खिंडा का साथ देने के लिए जोन डी पहुंच गए। उन्होंने भी खिंडा के साथ धरने में शामिल होकर नगर निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा की। तलवाड़ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही वार्ड नंबर 7 की सीवरेज समस्या का पक्का हल नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में यह संघर्ष और भी तेज किया जाएगा।
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