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थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को पंजाब लोक भवन चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल और प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। मुलाकात में नागरिक-सैन्य समन्वय, क्षेत्रीय सुरक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे काम और पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। भारतीय सेना की कमान संभालने के बाद थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ की राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ यह पहली मुलाकात थी। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पंजाब के राज्यपाल होने के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई चर्चा बैठक के दौरान क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और नागरिक प्रशासन के साथ सेना के बेहतर तालमेल को लेकर चर्चा की गई। जनरल धीरज सेठ ने राज्यपाल को आंतरिक सुरक्षा से जुड़े ताजा घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं और वहां की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई। सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल को क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। पूर्व सैनिकों के कल्याण पर भी चर्चा थल सेनाध्यक्ष ने पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी राज्यपाल से चर्चा की। उन्होंने पूर्व सैनिकों के हित में राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही नीतियों और योजनाओं के लिए आभार जताया। जनरल धीरज सेठ ने कहा कि भारतीय सेना राष्ट्र निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सेना देश की सुरक्षा के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर नागरिक प्रशासन की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहती है। बैठक में पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह और सेना मुख्यालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों के बीच सुरक्षा और नागरिक-सैन्य सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। आपदा और संकट से निपटने पर भी जोर नागरिक-सैन्य मामलों के सलाहकार कर्नल जसदीप संधू के अनुसार, इस बैठक से क्षेत्र में नागरिक प्रशासन और सेना के बीच समन्वय और मजबूत हुआ है। दोनों पक्षों के बीच बेहतर तालमेल से आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सीमाओं पर शांति बनाए रखने, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करने तथा बाहरी खतरों और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने पर भी जोर दिया गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सेना और नागरिक प्रशासन के बीच लगातार संपर्क और बेहतर समन्वय जरूरी है। इससे किसी भी सुरक्षा चुनौती या आपदा की स्थिति में तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी। मुलाकात में दोनों ने क्षेत्र की सुरक्षा, सीमा पर शांति और पूर्व सैनिकों की मदद के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।
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