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अबोहर के वार्ड नंबर 22 स्थित आर्य नगरी में सीवरेज की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी का एक बेहद दर्दनाक व शर्मनाक मंजर सामने आया है। गुरुवार को मोहल्ले के निवासी राजेंद्र कुमार के निधन के बाद उनके परिवार को जलभराव और गंदे पानी के बीच ही सड़क पर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए विवश होना पड़ा। जानकारी के अनुसार, आर्य नगरी गली नंबर 2 के रहने वाले राजेंद्र कुमार का बुधवार शाम को निधन हो गया था। परिजनों के घर के भीतर पर्याप्त जगह न होने के कारण शव को गली में रखना पड़ा, लेकिन पूरी गली सीवरेज के दूषित पानी से लबालब भरी हुई थी। मजबूरी में परिजनों, रिश्तेदारों और मोहल्ला वासियों को उसी बदबूदार और गंदे पानी में खड़े होकर अंतिम संस्कार की धार्मिक रस्में निभानी पड़ीं। अंतिम शव यात्रा भी इसी जलभराव के बीच से होकर गुजरी, जिसे देखकर हर किसी का दिल पसीज गया। चुनावों के वादे हवा, जीत के जश्न में मस्त नेता; स्थानीय निवासियों में भारी रोष इस घटना को लेकर मोहल्ला वासियों में नगर निगम प्रशासन और राजनीतिक नेताओं के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि हालिया नगर निगम चुनावों में सभी पार्टियों के नेताओं ने बड़े-बड़े दावे और वादे किए थे, लेकिन इस दुखद घड़ी में किसी ने उनकी सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा कि उनके वार्ड से पार्षद ‘आम आदमी पार्टी’ का है और नगर निगम में बोर्ड ‘भाजपा’ का बना है, लेकिन दोनों ही पक्ष जनता की सुध लेने के बजाय अपनी-अपनी ढपली बजाने और जीत का जश्न मनाने में व्यस्त हैं। पहले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का बहाना बनाया जा रहा था, लेकिन हड़ताल खत्म हुए भी तीन दिन बीत चुके हैं और स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों ने भर्राए गले से कहा कि उन्हें जीते जी तो नर्क भोगना ही पड़ रहा है, अब तो मरने के बाद भी नर्क से मुक्ति नहीं मिल रही। कांग्रेसी नेता सत्य भादू का हमला: “शहर के नेताओं को आनी चाहिए शर्म, मांगे सार्वजनिक माफी” उधर, इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सत्य भादू ने इसे शहर का बड़ा दुर्भाग्य करार दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना विकास के खोखले दावे करने वाले नेताओं के मुंह पर एक करारा तमाचा है। आजादी के इतने दशकों बाद भी अगर आम जनता को बुनियादी सुविधाएं नसीब नहीं हो पा रही हैं, तो इससे ज्यादा शर्मनाक बात कोई नहीं हो सकती। उन्होंने मांग की कि नगर निगम की नवनियुक्त टीम और सत्तापक्ष के नेताओं को इस घोर लापरवाही के लिए पूरे शहर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
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