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फरीदकोट के गांव संधवां में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की अगुवाई में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के घर के बाहर बुधवार से पक्का मोर्चा शुरू कर दिया। किसान कर्ज माफी, शंभू-खनौरी बॉर्डर आंदोलन के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा, लैंड मॉर्गेज बैंकों द्वारा कर्ज देते समय लिए गए खाली चेक वापस करवाने सहित कई मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। जिला प्रधान बोहड़ सिंह रुपियावाला की अगुवाई में शुरू हुए इस मोर्चे में संगठन के प्रदेश महासचिव काका सिंह कोटड़ा समेत कई वरिष्ठ किसान नेता शामिल हुए। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने और देरी की तो आंदोलन को रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्गों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। किसान नेताओं ने बताया कि कुछ दिन पहले प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल की अगुवाई में चंडीगढ़ में सरकार के साथ बैठक हुई थी, लेकिन उसमें कोई ठोस समाधान नहीं निकला। कर्ज से परेशान होकर 2 भाइयों ने की थी आत्महत्या इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने 5 अगस्त से स्पीकर के घर के बाहर पक्का मोर्चा लगाने का फैसला लिया। इस दौरान नेताओं ने हरिनौ गांव के दो सगे भाइयों का भी जिक्र किया, जिन्होंने कथित तौर पर कर्ज से परेशान होकर ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या कर ली थी। उनका आरोप है कि उस समय स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता और सरकारी मदद का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। लैंड मॉर्गेज बैंकों पर किसानों के आर्थिक शोषण का आरोप प्रदेश महासचिव काका सिंह कोटड़ा ने लैंड मॉर्गेज बैंकों पर किसानों के आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्ज देते समय लिए गए खाली चेकों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस मुद्दे को लेकर 30 मार्च से फरीदकोट में लैंड मॉर्गेज बैंक के बाहर लगातार धरना चल रहा है, लेकिन सरकार और प्रशासन ने अभी तक उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी जायज मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखेगा।
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