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हांसी जिले के सुल्तानपुर गांव निवासी पहलवान सतिंदर मलिक ने अजरबैजान की राजधानी बाकू में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में लगातार दूसरी बार विश्व खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ उन्होंने अपना विश्व चैंपियन का ताज बरकरार रखते हुए एक बार फिर भारत का गौरव बढ़ाया। सतिंदर की इस उपलब्धि से सुल्तानपुर, हांसी और पूरे हरियाणा में खुशी का माहौल है। विश्व विजेता बनने की खबर मिलते ही गांव में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने जश्न मनाया। गांव सुल्तानपुर पहुंचने पर लोगों ने फूल मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया।
फाइनल में रूसी पहलवान को 3-1 से हराया फाइनल मुकाबले में सतिंदर ने आक्रामक प्रदर्शन करते हुए रूस के पहलवान सर्गेई कर्मरियन को 3-1 से हराकर लगातार दूसरी बार विश्व खिताब अपने नाम किया। उन्होंने तेज रफ्तार, सटीक लेग अटैक और शानदार काउंटर तकनीक का उपयोग करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया और स्वर्ण पदक हासिल किया। सतिंदर ने एक साधारण परिवार से निकलकर कड़ी मेहनत, अनुशासन और सुबह 4 बजे से शुरू होने वाली कठिन ट्रेनिंग के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। एशियन स्पोर्ट्स स्कूल, उमरा के कोच संजय ने बताया कि सतिंदर की गति, एकाग्रता और सीखने की ललक उसे अन्य पहलवानों से अलग बनाती है। सतिंदर मलिक की प्रमुख उपलब्धियां: उन्होंने अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में 60 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले भी उन्होंने अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के पूर्व संस्करण में स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके अतिरिक्त, वे राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में जूनियर व सब-जूनियर वर्ग में कई स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। लगातार दो बार विश्व चैंपियन बनने के बाद अब सतिंदर मलिक का लक्ष्य सीनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
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