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भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने 5 अगस्त से फरीदकोट के गांव संधवां स्थित पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के बाहर पक्का मोर्चा शुरू करने का ऐलान किया है। इस मुद्दे पर शुक्रवार देर शाम किसान संगठनों और पंजाब सरकार के बीच बैठक हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी और बैठक बेनतीजा रही। बैठक बेनतीजा रहने के बाद संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 5 अगस्त से पक्का मोर्चा शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने राज्यभर की सभी जिला इकाइयों से तैयारियां तेज करने और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित फरीदकोट के गांव संधवां पहुंचने का आह्वान किया। ये है किसानों की मांगें डल्लेवाल ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में शंभू-खनौरी बॉर्डर आंदोलन के दौरान किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा, किसानों की कर्ज माफी के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू करना, कर्ज के समय किसानों से लिए गए खाली चेकों के दुरुपयोग पर रोक लगाना और वे चेक वापस करवाना शामिल है। खाली चेक लेने का कोई औचित्य नहीं किसान नेताओं का कहना है कि जब कर्ज के बदले किसानों की जमीन पहले ही गिरवी रखी जाती है, तो उनसे खाली चेक लेने का कोई औचित्य नहीं है। उनका दावा है कि बैठक के दौरान अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि कर्ज मंजूर होते ही किसानों से खाली चेक लिए जाते हैं। 12 जिलों में भी विभिन्न बैंकों के बाहर किसान धरना दे रहे किसान नेताओं के अनुसार, आरबीआई के प्रावधानों के तहत जमानत के रूप में लिए गए चेक का इस्तेमाल कर्ज वसूली के लिए नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद कई मामलों में इन खाली चेकों का कथित रूप से दुरुपयोग कर किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर 30 मार्च से फरीदकोट में लैंड मॉर्गेज बैंक के बाहर अनिश्चितकालीन धरना जारी है। इसके अलावा पंजाब के 12 जिलों में भी विभिन्न बैंकों के बाहर किसान धरना दे रहे हैं। बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बताया कि सरकार की ओर से वार्ता का निमंत्रण मिलने के बाद प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, सरकार के साथ हुई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
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