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उकलाना क्षेत्र में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जहां किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी, वहीं शहर में जलभराव ने प्रशासन की जलभराव से निपटने की व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इस वर्षा से बड़ी राहत मिली, जबकि शहर की मुख्य सड़कें और गलियां पानी से लबालब भर जाने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण धान सहित अन्य खरीफ फसलें प्रभावित हो रही थीं। खेतों में नमी की कमी से किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही थी और कई स्थानों पर धान की फसल सूखने की स्थिति में पहुंच गई थी। गुरुवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए, तेज हवाएं चलने लगीं और कुछ ही देर बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब लंबे समय तक हुई तेज बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचा, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली। किसान बोले- धान की फसल के लिए लाभादायक किसान राजेश, रमेश, रामनिवास और नरेंद्र ने बताया कि यह बारिश धान की फसल के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। उनका कहना था कि यदि बारिश में और देरी होती तो फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भी मौसम अनुकूल रहा तो उत्पादन बेहतर होगा। दूसरी ओर, बारिश ने उकलाना शहर की जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। शहर के प्रमुख बाजारों, मुख्य मार्गों और कई गलियों में बारिश का पानी भर गया, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और दुकानदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं और लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। बिजली आपूर्ति हुई बाधित बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। वर्षा रुकने के बाद लंबे समय तक बिजली बहाल नहीं होने से उमस बढ़ गई, जिससे लोगों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से मांग की कि बरसात के मौसम को देखते हुए शहर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में थोड़ी-सी बारिश में भी जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न न हो और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
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