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बिजली टावर मामले में किसान-ग्रामीणों ने 1-सप्ताह का दिया अल्टीमेटम:सिरसा में पूतला फूंककर प्रशासन को चेताया, क्लेम नहीं मिला तो टावर-तारें उखाड़ेगे




सिरसा के वैदवाला में बिजली टावर मामले में किसानों एवं ग्रामीणों ने आज वीरवार को लघुसचिवालय गेट पर सरकार के पुतले का दहन किया और सरकार व प्रशासन मुर्दाबाद नारेबाजी की। किसान नेता बोले, सरकार धक्काशाही से जमीन पर कब्जा कर रही है और कोई मुआवजा नहीं दिया है। किसानों ने प्रशासन को चेताते हुए ऐलान किया कि एक सप्ताह का समय है। अगर उनकी मांगों पर प्रशासन व सरकार ने संज्ञान नहीं लिया तो वे खेत में लगे टावर और तारें उखाड़ फेंकेंगे। किसान नेता जसवीर भाटी और खेत मालिक भूपेंद्र सिंह ने मीडिया को दिए बयान में कहा, आज इस धरने का समापन कर पुतले का दहन किया है। प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन ने समझौते में कहा था कि वहां धान न लगाओ, हम काम बंद कर देंगे। धान नहीं लगाया, पर धक्के से तारें खींच दी। टावर व तार का क्लेम के बिना तार क्यों खींची? इसका जवाब धरना प्रशासन ही बचा है। पहले तार हटाए, तभी बातचीत करेंगे। भाटी बोले, इस बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी से भी बात हो गई है, वो दो-तीन दिन बाद आकर बात करेंगे। कलेक्टर रेट से चार गुना क्लेम मिलना होता है। प्रशासन कह रहा है कि कलेक्टर रेट के अनुसार कीमत दे सकते हैं। प्रशासन स्पष्ट करे कि अगर धक्के से हमारा हक छीनना है तो बताए, जो संविधान में मिला है, ये गुलाम करने वाली बात है। झज्जर में जमीनें सस्ती, क्लेम ज्यादा मिला बीकेयू चढूनी ग्रुप दादरी से जिला प्रधान नवीन कारी ने बताया झज्जर में यहां से जमीनें सस्ती है, वहां का एरिया रेट निर्धारित कर टावर मामले में 2.55 करोड़ रुपए क्लेम मिला है। सिरसा में क्यों नहीं दे रहे। एक देश में दो कानून क्यों है। कानूनी रेट पर वैदवाला के किसान क्लेम मांग रहे हैं। आज भिवानी व दादरी की टीमें समर्थन देने पहुंची है। अगली कॉल पर प्रदेश से संगठन नेता आने का काम करेंगे। कांडा की कंपनी ने कॉलोनी काटने को 4.31 करोड़ में खरीदी खेत मालिक भूपेंद्र वैदवाला बोले, गांव में कांडा की कंपनी ने कॉलोनी काटने के लिए 4.31 करोड़ में साइनामा किया है और रजिस्ट्री रेट 3.31 करोड़ है। मार्केट वैल्यू 4-5 करोड़ रेट है। किसानों को सरकार 90 लाख दे रही है। नेता तो मुकरते देखें, डीसी भी मुकर गए। अब कहते कि एमआरसी बना दिए। एमआरसी तब बनाएंगे, जब हम न हो। मुख्यमंत्री ने कहा था कि आपकी समस्या का हल होगा, पर कुछ नहीं हुआ। 8 एकड़ के बीचों-बीच लाइन से कीमत टूटी वैदवाला के फौजी ने बताया, भूपेंद्र के वैदवाला में 8 एकड़ के बीचों-बीच लाइन गई हुई है और कोई टावर सीध में नहीं है। उनका कोई सीध नहीं है। इनकी जमीन की वैल्यू खत्म हो गई और अधिकतम मुआवजा दिया जाए। गांव में 4-5 करोड़ रेट में जमीन खरीदी जा रही है। मांगें पूरी होने तक धरने की लड़ाई जारी रखेंगे : भाटी जसवीर भाटी बोले, बुधवार को पक्का धरना शुरू किया था और लघुसचिवालय गेट के बाहर साइड में बैठे रहे। प्रशासन ने कल से कोई बात नहीं की और न ही मुआवजा दे रहे। बुधवार को प्रशासन से एक अधिकारी ने धरने पर आकर दोपहर तक मीटिंग करने को कहा था। इसके बाद कोई जवाब नहीं आया। इसलिए धरना पक्का शुरू कर दिया। मांगें पूरी होने तक धरने की लड़ाई जारी रखेंगे। जानकारी के अनुसार, इन दिनों जिला स्तर पर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। धरने पर हरियाणा व पंजाब के किसान संगठन भी समर्थन देने पहुंच रहे हैं। यहां से बीकेई व राष्ट्रीय किसान संगठन व चढ़ूनी ग्रुप से समर्थन मिला हुआ है। कुछ अन्य संगठन भी समर्थन देने पहुंचे। जानिए पूरा मामला सुबह डिटेन के बाद काम शुरू करवाया तो गुस्साए किसान दरअसल पुलिस ने सोमवार सुबह ही खेत मालिक एवं किसान नेता भूपेंद्र सिंह को डिटेन कर लिया था और टावर पर लाइन खींचने का काम शुरू कर दिया। जिसके बाद शाम को उन्हें छोड़ा गया। इसके बाद किसान नेता भूपेंद्र सिंह वैदवाला अपने खेत में पहुंचे तो तब तक टावरों पर लाइन खींचने का लगभग काम पूरा हो चुका था। इस पर वे गुस्सा गए। वीडियो में कहा था, मुझे गोली मार दो खेत मालिक भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने एक वीडियो जारी कर कहा, ये गुलामी की निशानी देख लो, पुलिस कब्जे करने रखी है। ये लाइनें खींची है और सारे किसान भाईयों से अपील है कि कल (बुधवार को) डीसी कार्यालय पहुंच जाओ, वहां पक्का धरना लगाएंगे। सुबह से डिटेन कर रखा था और शाम को छोड़ा है। एसडीओ कुलदीप सिंह व ठेकेदार सारे खड़े हैं। हिन्दूस्तान में कानून खत्म हो चुका है और गुलाम की निशानी है। गोली मार दो। सिरसा को डबल सर्किट के लिए डाली जा रही लाइन HVPN के कंस्ट्रक्शन विभाग के SDO कुलदीप सिंह के अनुसार, हुकमावाली और चोरमोर से डबल सर्किट लाइन 220 केवी बिजलीघर में लाई जा रही है। यह सरकार की ओर से अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी भी इमरजेंसी में लाइट बहाल रहे। इसके बिना लाइट बहाल हो पाना मुश्किल है। इस समय फतेहाबाद-सिरसा-मताना सिंगल लाइन है। कई बार मौसम खराब या ओवरलोड के चलते लाइन बंद रहती है। इसके बिना सिरसा में लाइट देने का कोई ऑप्शन नहीं है। इसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… चारपाई-राशन लेकर टावर पर चढ़े किसान 8 घंटे बाद उतरे:चढ़ूनी बोले-सिरसा प्रशासन का दोबारा वैल्यूएशन का आश्वासन; अफसरों के सामने लेबर को थप्पड़ जड़े थे
हरियाणा के सिरसा में बुधवार सुबह दस बजे मुआवजे में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष समेत 9 किसान बिजली टावर पर चढ़ गए। ये किसान अपने साथ चारपाई और खाने पीने का राशन ले गए थे। दिन भर हंगामा चला। किसानों ने टावर पर काम करने आई लेबर को भी थप्पड़ जड़ दिए। पूरी खबर पढ़िएं:::



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