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पठानकोट के गांव करौली झिकली स्थित आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी की जर्जर इमारत को लेकर ग्रामीणों ने पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डिस्पेंसरी के लिए नई इमारत, चारदीवारी और मुख्य गेट के निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि डिस्पेंसरी की इमारत 50 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी है और अब पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच गई है। छत से लगातार प्लास्टर गिरता रहता है, जिससे इलाज और दवा लेने आने वाले लोगों के साथ-साथ स्टाफ की सुरक्षा भी खतरे में बनी हुई है। पानी टपकने के कारण भवन के अंदर बैठना मुश्किल ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के मौसम में छत से पानी टपकने के कारण भवन के अंदर बैठना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे करती है, लेकिन इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए लंबे समय से कोई कदम नहीं उठाया गया है। उच्च अधिकारियों को पहले ही जानकारी दी जा चुकी डिस्पेंसरी में तैनात आयुर्वेदिक डॉक्टर राजिंदर कुमार ने बताया कि वह पिछले करीब 13 वर्षों से यहां सेवाएं दे रहे हैं। जर्जर भवन के कारण उन्हें भी हर दिन जोखिम के बीच ड्यूटी करनी पड़ती है। इस मामले में विभाग के उच्च अधिकारियों को पहले ही जानकारी दी जा चुकी है और लोक निर्माण विभाग की ओर से भवन का निरीक्षण भी किया गया था। डॉक्टर कुमार ने बताया कि वह एक बार फिर इस संबंध में विभाग को पत्र भेजेंगे। दो वर्ष पहले भवन का निरीक्षण किया गया वहीं, लोक निर्माण विभाग (भवन) के जूनियर इंजीनियर सतीश कुमार ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले भवन का निरीक्षण किया गया था। इसके बाद नई इमारत के निर्माण के लिए अनुमानित लागत (एस्टीमेट) तैयार कर आयुर्वेद विभाग को भेज दी गई थी।
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पठानकोट में जर्जर आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन:छत से गिर रहा प्लास्टर; मरीजों की जान जोखिम में, नई इमारत बनाने की मांग







