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रोहतक के गांव सुंदरपुर के रहने वाले शहीद लांस नायक विजय सिंह कुंडू को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की तरफ श्रद्धांजलि दी गई। अंबाला कैंट में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूर्व सैनिकों ने पहुंचकर शहीदों को याद किया और श्रद्धासुमन अर्पित किए। उत्तर भारत के संयोजक याज्ञबल्क शर्मा ने बताया कि गांव सुंदरपुर के रहने वाले शहीद लांस नायक विजय सिंह कुंडू के पिता रिटायर्ड शिक्षक जीतराम कुंडू, सरपंच प्रवीन कुमार, सूबेदार मेजर नरेश कुमार, सूबेदार मेजर बालकिशन शर्मा व हवलदार बलवान सिंह ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। कारगिल में विजय सिंह हुए थे बुरी तरह जख्मी फौजी कलाकार याज्ञबल्क शर्मा ने बताया कि शहीद विजय सिंह का कारगिल की लड़ाई में शरीर पूरा जख्मी हो जाने के बाद देश के ऊपर प्राण न्योछावर करते समय दो शब्द कहे, जो हिंदुस्तान के नक्शे के पीछे लिखे थे। उन शब्दों का एक कविता के रूप में वर्णन किया, जिससे सुनकर सभी के आंसू झलकने लगे। याज्ञबल्क ने कविता सुनाकर किया भावुक याज्ञबल्क ने कविता सुनाते हुए कहा कि गौरी लिख भेजूं संदेश, तूं मत करिए आंदेश, ये ही फर्ज था मेरा, कि मैं तो देश पर मरा। कारगिल युद्ध में साउथ इंडियन और नॉर्थ इंडियन नहीं बल्कि इंडियन साउथ और इंडियन नॉर्थ के रहने वाले हम सभी भारत-भारती हैं।
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कारगिल दिवस पर शहीद विजय कुंडू को अंबाला में श्रद्धांजलि:रोहतक से पूर्व सैनिकों का दल पहुंचा कैंट; जान गंवाने वाले योद्धाओं को किया याद







