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हिसार में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर उठे सवाल:खराब गुणवत्ता के राजमा पर जताई आपत्ति; स्कूल की जांच की मांग




हिसार जिले के बरवाला के गांव बयानाखेड़ा स्थित राजकीय विद्यालय में मिड-डे मील के लिए उपलब्ध कराए गए राजमा और मसालों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। विद्यालय प्रशासन ने हरियाणा एग्रो के माध्यम से भेजी गई खाद्य सामग्री को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी, बरवाला को लिखित शिकायत भेजते हुए पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार मिड-डे मील तैयार करने के लिए राजमा को पहले लगभग 17 घंटे तक पानी में भिगोया गया। इसके बाद प्रेशर कुकर में सात सीटी लगाई गईं, लेकिन इसके बावजूद राजमा नहीं गला और पूरी तरह सख्त ही रहा। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उक्त भोजन परोसना उचित नहीं समझा गया। विद्यालय के मुख्य शिक्षक जगमेंद्र ने बताया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना विद्यालय की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब खाद्य सामग्री मानक के अनुरूप नहीं मिली तो इसकी सूचना तुरंत विभागीय अधिकारियों को दी गई। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की गई है। मसालों की गुणवत्ता पर जताई आपत्ति ग्रामीणों ने केवल राजमा ही नहीं, बल्कि मिड-डे मील के लिए उपलब्ध कराए गए मसालों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण पोषण योजना में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए, क्योंकि इसका सीधा संबंध बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। पहले भी उठ चुके गुणवत्ता पर सवाल मिड-डे मील की सामग्री की गुणवत्ता को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ष 2025 में भी कई विद्यालयों ने गुड़, पीनी तथा अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भेजी थीं। उस समय शिक्षा विभाग ने कुछ खाद्य सामग्री स्थानीय स्तर पर खरीदने की अनुमति देने के साथ गुणवत्ता सुधार के निर्देश भी जारी किए थे। योजना में वितरित की जा रही खाद्य सामग्री अब गांव बयानाखेड़ा विद्यालय की शिकायत के बाद एक बार फिर मिड-डे मील योजना में वितरित की जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। विद्यालय प्रशासन ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर भविष्य में बच्चों को केवल गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए।



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