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युवाओं और नई पीढ़ी को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति सचेत व जागरूक करने के उद्देश्य से ‘रेड क्रॉस इंटीग्रेटेड एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स’ (IRCA) ने एक विशेष पहल की है। सेंटर द्वारा पंडित मोहन लाल एस.डी. कॉलेज फॉर विमेन, गुरदासपुर में ‘नशे की रोकथाम और जागरूकता’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह पूरा जागरूकता सेमिनार कॉलेज की प्रवक्ता श्ज्योति भारद्वाज और जगरूप कौर के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। नशा एक बीमारी, परामर्श और सहयोग से संभव है उपचार नशे के लक्षण और पहचान: उन्होंने नशाखोरी के शुरुआती लक्षणों, समय रहते समस्या की पहचान करने और सही वक्त पर डॉक्टरी हस्तक्षेप की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव: काउंसलर रघबीर सिंह ने युवाओं को नशे के जाल, विशेषकर इसके कारण मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले घातक प्रभावों से आगाह किया। उन्होंने छात्राओं को जीवन में सही और जागरूक निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया। मजबूत सपोर्ट सिस्टम: उन्होंने जोर देकर कहा कि नशे की लत एक जटिल बीमारी है, लेकिन सही परामर्श, निरंतर इलाज और परिवार/समाज के सहयोग से पीड़ित व्यक्ति को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का एंबेसडर बनने का आह्वान कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बेहद प्रभावी संदेश दिया गया कि “ड्रग्स आपको बर्बाद करें, उससे पहले ही आप उनसे छुटकारा पा लें।” वक्ताओं ने छात्राओं को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) के एंबेसडर (दूत) के रूप में आगे आने और अपने आसपास के लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के समापन पर श्रीमती आभा शर्मा ने उपस्थित सभी छात्राओं, शिक्षकों व प्रतिनिधियों को नशे से दूर रहने तथा एक स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने की शपथ दिलाई।
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बटाला रेड क्रॉस सेंटर में नशे के खिलाफ किया जागरूक:पंडित मोहन लाल कॉलेज में युवाओं को नशे से बचाव के बारे में बताया







