पूर्व सरपंच जगदीश सिंह, जिसे कुत्तों ने नोच-नोचकर मार डाला।
लुधियाना के जगराओं में आवारा कुत्तों ने पूर्व सरपंच को नोच-नोचकर मार डाला। रात में बाथरूम जाने के लिए कमरे से बाहर निकला था, यहीं पर कुत्तों ने उसे घेर लिया और जमीन पर गिराया लिया। इस दौरान वह चिल्लाता रहा, लेकिन मौके पर कोई व्यक्ति नहीं था।
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कुत्तों ने उसके पूरे शरीर को नोंचा। इसमें एक बाजू और एक पैर को पूरी तरह खा लिया, सिर्फ हड्डी बचने दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आज (16 जुलाई) सुबह भतीजा चाय देने गया, वह उसे कमरे में नहीं मिला। उसकी लाश पास में खेत में पड़ हुई थी।
मृतक की पहचान जगदीश सिंह (80) के नाम से हुई, जो पब्बयां गांव के रहने वाले थे। हालांकि कुत्तों के काटने से हुई मौत का गांव में यह पहला मामला नहीं है, इससे 15 दिन पहले भी एक युवक को कुत्तों ने नोच-नोचकर कर मार डाला था।

कुत्तों ने हाथ औरपैर खाए, सिर्फ हड्डियां बचने दी।
खेत पर अकेला रहता था पूर्व सरपंच
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व सरपंच जगदीश सिंह (80) लंबे समय से अपने खेत में बनी मोटर पर अकेले रह रहे थे। उनकी एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है। करीब 40 साल पहले वे गांव के सरपंच रहे थे। बुधवार देर रात वह बाथरूम जाने के लिए उठे थे।
इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बुजुर्ग होने के कारण वह अपना बचाव नहीं कर सके और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह रोजाना की तरह उनका भतीजा पवनदीप सिंह उन्हें चाय देने खेत पहुंचा। वहां उसने जगदीश सिंह का शव पड़ा देखा। इसके बाद उसने तुरंत परिजनों और अन्य ग्रामीणों को सूचना दी।
पुलिस के आने से पहले अंतिम संस्कार
बाबा सिद्ध स्पोर्ट्स क्लब गांव पब्बिया के प्रधान जगराज सिंह टीटू ने कहा कि पुलिस का फोन आया था, उन्हें जानकारी दे दी गई थी। लेकिन तब तक ग्रामीणों व रिश्तेदारों ने अंतिम संस्कार कर दिया। क्योंकि मृतक का शव गर्मी के कारण बुरी तरह से खराब होता जा रहा और कुत्तो ने बाजू व टांग को नोच खाया था।
लोगों और पशुओं पर हमला कर रहे कुत्ते
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आवारा कुत्तों के झुंड लंबे समय से लोगों और पशुओं पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को इसकी शिकायत की है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाए
गांववासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके स्थायी प्रबंधन के लिए तुरंत विशेष अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
अंधेरा होने के बाद घरों से निकलने से बच रहे
गांव निवासी जगराज सिंह ने बताया कि आवारा कुत्तों के आतंक का डर इतना बढ़ गया है कि लोग अंधेरा होने के बाद घरों से बाहर निकलने से भी बच रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस समस्या का समाधान नहीं किया तो गांववासी प्रदर्शन कर बड़े स्तर पर संघर्ष करने को मजबूर होंगे। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने नगर परिषद और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

लुधियाना में कुत्तों के काटने की 4 घटनाएं पढ़िए
- जुलाई 2026: 15 दिन पहले पब्बियां गांव में बिहार के पूर्णिया जिले के मख्खनाहा निवासी 35 वर्षीय प्रवासी मजदूर रमेश मंडल की कुत्तों ने जान ले ली थी। रमेश स्थानीय किसान हरबंस सिंह के खेतों में धान की रोपाई के लिए आए हुए थे। रात के समय वे अपने साथी मजदूरों के साथ ट्यूबवेल के कमरे की छत पर सो रहे थे। देर रात मोबाइल पर फोन आने के कारण जब वे बात करते हुए नीचे खेतों की तरफ गए, तो पास की हड्डा-रोड़ी (पशुओं के शव फेंकने की जगह) के पास घूम रहे 12-13 आवारा कुत्तों ने उन्हें घेर लिया। कुत्तों ने उनके गले, चेहरे और शरीर को बुरी तरह नोच डाला था।
- अप्रैल 2026: लुधियाना के माछीवाड़ा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लुबानगढ़ गांव में एक संदिग्ध रेबीज संक्रमित कुत्ते का आतंक देखने को मिला। इस पागल कुत्ते ने गांव की 3 वर्षीय मासूम बच्ची मंदीप कौर पर उस समय हमला किया जब वह घर के बाहर खेल रही थी। कुत्ते ने बच्ची के चेहरे और सिर पर गहरे घाव कर दिए। इसके अलावा, उसे बचाने आए स्थानीय निवासी गुरमेल सिंह सहित गांव के कुल 6 लोगों को इस कुत्ते ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में एंटी-रेबीज दवाइयों के साथ आपातकालीन कैंप लगाना पड़ा था।
- अक्टूबर 2025: लुधियाना जिले के खन्ना शहर में आवारा कुत्तों ने एक के बाद एक कई इलाकों में सामूहिक हमला किया। आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, खन्ना के सरकारी सिविल अस्पताल में बुधवार दोपहर से गुरुवार सुबह के बीच कुल 29 लोग कुत्ते के काटने के कारण भर्ती हुए, जिनमें अधिकांश संख्या छोटे बच्चों की थी। यह हमला अमलोह रोड, दशहरा मेला ग्राउंड, कृष्णा नगर और सब्जी मंडी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में हुआ था।
- दिसंबर 2025: लुधियाना शहर के पॉश इलाके मॉडल ग्राम की गांधी कॉलोनी में एक ही आवारा कुत्ते ने सुबह की सैर पर निकले लोगों और राहगीरों पर अचानक हमला कर दिया। इस कुत्ते ने लगभग 10 लोगों को काटकर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया, जिसमें दो बच्चे भी शामिल थे जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विपन मल्होत्रा के अनुसार, हमले के अगले ही दिन उस कुत्ते की मौत हो गई थी।

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लुधियाना के कस्बा जगराओं के गांव पब्बियां में आवारा कुत्तों के हमले से एक मजदूर की मौत हो गई। गुरुवार सुबह खेत में मजदूर का शव मिला। उसके शरीर पर कुत्तों के काटे जाने के निशान मिले। मृतक बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला है और धान की रोपाई के लिए जगराओं आया था। (पढ़ें पूरी खबर)







