![]()
गुरदासपुर में पंजाब में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs) ने राज्य सरकार की कथित वादाखिलाफी और टालमटोल की नीति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर आज सीएचओ एसोसिएशन द्वारा जिला स्तर पर रोष प्रदर्शन किए गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य सचिव, पंजाब के नाम जिला प्रशासनिक अधिकारियों को मांग-पत्र सौंपे और चेतावनी दी कि अब केवल मौखिक आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को तुरंत आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करना होगा। आंदोलन के तहत गुरदासपुर में डॉ. सुनील तरगोत्रा की अध्यक्षता में भारी संख्या में जुटे कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सीएचओ नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के साथ कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकें होने और बार-बार सहमति बनने के बावजूद जमीनी स्तर पर उनकी मांगों को लागू नहीं किया जा रहा है। वित्त मंत्री और मिशन डायरेक्टर के साथ बैठकों के बाद भी हाथ खाली एसोसिएशन के नेताओं ने बताया कि पिछले कुछ महीनों के दौरान उनकी मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग और सरकार के नुमाइंदों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। हाल ही में 1 जुलाई को मिशन डायरेक्टर (नेशनल हेल्थ मिशन) और 14 जुलाई को पंजाब के वित्त मंत्री के साथ हुई बैठकों में वित्तीय और सेवा संबंधी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया था। लेकिन विभाग ने अबतक कोई लिखित आदेश या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। ये हैं सीएचओ की 5 प्रमुख मांगें: नियमित ग्रुप-बी कैडर: सीएचओ के लिए नियमित ग्रुप-बी (Group-B) कैडर का तत्काल गठन किया जाए। वेतन विसंगति का समाधान: अन्य राज्यों की तुलना में पंजाब के सीएचओ को मिल रहे ₹5,000 कम वेतन की विसंगति को तुरंत दूर किया जाए। लॉयल्टी बोनस की बहाली: वर्ष 2018 से बंद पड़े लॉयल्टी बोनस को दोबारा बहाल किया जाए। वेतन और प्रोत्साहन राशि का विलय: कर्मचारियों के मूल वेतन और प्रोत्साहन राशि (Incentives) को आपस में मर्ज (Merge) किया जाए। प्रोत्साहन परफॉर्मा की समीक्षा: विभाग द्वारा तैयार किए गए नए इंसेंटिव परफॉर्मा की दोबारा समीक्षा कर त्रुटियों को सुधारा जाए। मरीजों की सुविधा का ख्याल: OPD और TB सेवाएं रहेंगी जारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सीएचओ नेताओं ने एक सराहनीय फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके इस विरोध प्रदर्शन और आंदोलन के दौरान आम जनता को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। ‘आयुष्मान आरोग्य केंद्रों’ में ओपीडी (OPD) और टीबी (TB) के मरीजों से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह सुचारू रूप से जारी रहेंगी, ताकि मरीजों को कोई असुविधा न हो। मांगें न मानने पर 22 जुलाई को संगरूर में सीएम आवास का घेराव एसोसिएशन ने पंजाब सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए आगामी बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी घोषित कर दी है। इसके तहत 20 जुलाई को पूरे पंजाब में ‘आम आदमी पार्टी’ के विधायकों, हलका इंचार्जों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पंजाब के वित्त मंत्री के नाम अंतिम चेतावनी ज्ञापन सौंपा जाएगा। 22 जुलाई को यदि इसके बाद भी सरकार की तरफ से लिखित नोटिफिकेशन जारी नहीं होता है, तो 22 जुलाई को मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह क्षेत्र संगरूर में सीएम आवास के नजदीक एक विशाल राज्य स्तरीय विरोध रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
Source link
पंजाब में सरकार के खिलाफ CHO का प्रदर्शन:गुरदासपुर में सिविल सर्जन दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे, सरकार के खिलाफ नारेबाजी







