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पानीपत में SBI के रिटायर्ड अधिकारी से ₹27.40 लाख हड़पे:विदेशी नंबर से की कॉल; क्रेडिट कार्ड बंद करने के नाम पर फंसाया




पानीपत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसाकर उनसे और उनकी पत्नी के बैंक खातों से कुल 27 लाख 40 हजार रुपए की मोटी रकम उड़ा ली। जालसाजों ने पीड़ित को उनके नाम पर फर्जी क्रेडिट कार्ड जारी होने का डर दिखाया और उसे बंद करने के नाम पर अलग-अलग बैंकों के खातों में RTGS करवा लिया। खुद के साथ ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत पानीपत साइबर अपराध थाने में दर्ज कराई है। खुद को बताया एसबीआई कस्टमर केयर साइबर अपराध थाना पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में सेक्टर-6 हुडा, पानीपत निवासी रणधीर सिंह ने बताया कि वे SBI से रिटायर्ड अधिकारी हैं। बीती 17 जून की सुबह करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को एसबीआई कस्टमर केयर का अधिकारी बताया। जालसाज ने रणधीर सिंह से कहा कि उनकी पहचान आईडी का इस्तेमाल करके ICICI बैंक का एक क्रेडिट कार्ड जारी कराया गया है। जब रणधीर सिंह ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया है और न ही आवेदन किया है, तो ठगों ने उन्हें कानूनी पचड़े और भारी जुर्माने का डर दिखाना शुरू कर दिया। 4 किश्तों में हड़पे ₹27.40 लाख ठगों ने पीड़ित को झांसा दिया कि यदि वे इस क्रेडिट कार्ड को तुरंत बंद करवाना चाहते हैं, तो उन्हें वेरिफिकेशन के तौर पर कुछ रकम सरकारी खातों में डालनी होगी जो बाद में रिफंड हो जाएगी। डरे हुए रिटायर्ड अधिकारी अपराधियों के झांसे में आ गए। जालसाजों ने उन्हें अलग-अलग बैंकों के खाते दिए, जिनमें पीड़ित ने डर के मारे अलग-अलग तारीखों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत जब पीड़ित रणधीर सिंह ने इतनी बड़ी रकम (कुल 27 लाख 40 हजार रुपए) ट्रांसफर कर दी और उसके बाद भी आरोपियों की तरफ से पैसों की मांग जारी रही, तब उन्हें अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत मामले की प्राथमिक रिपोर्ट नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कराई। इसके बाद पीड़ित ने पानीपत के साइबर अपराध थाने पहुंचकर लिखित दरखास्त सौंपी। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी जिंदगी भर की कमाई को वापस दिलाया जाए और फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाले अज्ञात अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।



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