टोहाना में एक्सईएन कृष्ण कुमार को बगल में दबाने का प्रयास करते बुजुर्ग।
फतेहाबाद के टोहाना में सोमवार को बिजली निगम के एक्सईएन ऑफिस में जमकर हंगामा हुआ। बाप-बेटे ने एक्सईएन कृष्ण कुमार के हाथ में जबरन नोटों की गड्डी थमाने की कोशिश की। जब उन्होंने पैसे लेने से इनकार कर दिया तो उनके साथ हाथापाई भी की गई। बुजुर्ग ने एक्सईएन
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इसके बाद एक्सईएन ऑफिस से निकलकर स्टाफ के पास पहुंचे और कर्मचारियों से लगातार कहते रहे, “पुलिस को बुलाओ… डायल-112 पर कॉल करो। मुझ पर हमला किया गया है।” इसके बाद ऑफिस में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
उन्होंने एक्सईएन पर बिजली कनेक्शन जारी करने के बदले दो लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। बाद में एक्सईएन इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची। एक्सईएन की तरफ से लिखित शिकायत दी गई है।
एक्सईएन ऑफिस में हंगामे की तस्वीरें…

एक्सईएन को हाथ में नोटों की गड्डी पकड़ाने की कोशिश करता बुजुर्ग बलवंत।

ऑफिस छोड़कर जाते एक्सईएन कृष्ण कुमार और उसका पीछा करते लोग।

एक्सईएन के पीछे भागता देवेंद्र का पिता बलवंत सिंह।

ऑफिस के स्टाफ ने एक्सईएन के साथ हो रही हाथापाई में बीच बचाव किया।

हाथापाई के बाद एक्सईएन कृष्ण कुमार ने सिविल अस्पताल में इलाज कराया।
पहले जानिए लोगों ने एक्सईएन पर क्या आरोप लगाए…
2018 से बिजली कनेक्शन पेंडिंग
गाजूवाला गांव निवासी देवेंद्र और बलवंत ने आरोप लगाया कि उनका वर्ष 2018 से एग्रीकल्चर पंप (ट्यूबवेल कनेक्शन) बिजली कनेक्शन पेंडिंग है। शुरुआत में बिजली निगम ने तीन लाख रुपए का एस्टीमेट बनाया था, जिसे भरने के लिए वह तैयार थे। बाद में इसे बढ़ाकर सवा चार लाख रुपए कर दिया गया, जो उनके अनुसार काफी अधिक है। कनेक्शन नहीं मिलने के कारण उन्हें अब तक करीब 20 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है।
आवेदन मंजूर होने के बाद भी नहीं मिला
देवेंद्र ने बताया कि उनके साथ आवेदन करने वाले अन्य लोगों के कनेक्शन जारी हो चुके हैं, लेकिन उनका मामला अब भी अटका हुआ है। उन्हें पैमाइश कराने के लिए कहा गया, जिसके बाद उन्होंने तहसीलदार को आवेदन दिया। तहसीलदार ने आवेदन मंजूर कर लिया। उन्होंने एफिडेविट, फर्द और रजिस्ट्री समेत सभी जरूरी दस्तावेज भी जमा करा दिए।
एसई से भी मिले, फिर भी नहीं मिला कनेक्शन
देवेंद्र ने बताया कि वह इस मामले में बिजली निगम के एसई एसएस रॉय से भी मिले थे। एसई ने कनेक्शन रिवाइव करने के निर्देश दिए, जिसके बाद संबंधित फाइल भी चली। हालांकि, नया एस्टीमेट सवा चार लाख रुपए का बना दिया गया। उन्होंने यह राशि भी जमा कर दी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कनेक्शन जारी नहीं किया गया।

बिजली कनेक्शन न जारी होने पर जानकारी देता देवेंद्र और उसके पिता बलवंत।
आरोप- दलाल के जरिए ही लगती हैं फाइलें
देवेंद्र ने आरोप लगाया कि एक्सईएन अपने कथित दलाल सुमित के माध्यम से ही आवेदन स्वीकार करवाते हैं। उनका कहना है कि हर तीसरे दिन सरकारी गाड़ियां उसके खेत में पहुंचती हैं। यहां तक कि छुट्टी वाले दिन भी पैमाइश कराई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि बिजली निगम का काम पैमाइश कराना कब से हो गया। उनके अनुसार, एक्सईएन के कहने पर तहसीलदार ने भी पैमाइश करवा दी।
अनिल विज और एमडी को भेजी शिकायत
देवेंद्र ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत बिजली मंत्री अनिल विज और DHBVN के MD को ई-मेल के माध्यम से भेजी है। उन्होंने मांग की है कि एक्सईएन की ओर से मंजूर किए गए सभी बिजली कनेक्शनों की जांच कराई जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड किया जाए।

एक्सईएन कृष्ण कुमार ने कहा कि कनेक्शन रद्द हो गया था।
एक्सईएन बोले- कनेक्शन रद्द होने के बाद दोबारा बना एस्टीमेट
एक्सईएन कृष्ण कुमार ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन पहले ही रद्द हो चुका था। बाद में एसई के पास उसे रिवाइज करने का अधिकार है। एस्टीमेट मंजूर होने के बाद काम शुरू करने के निर्देश दे दिए गए थे। इस बीच सरकारी खाल की जमीन पर लाइन होने की शिकायत मिली, इसलिए पैमाइश कराने को कहा गया। सोमवार को चार-पांच लोग उनके ऑफिस पहुंचे और जबरन उनके हाथ में पैसे थमाने की कोशिश की। विरोध करने पर उन्होंने उन पर हमला करने का भी प्रयास किया।
DHBVN डायरेक्टर बोले- हम जांच करवा रहे
DHBVN के डायरेक्टर (ऑपरेशन) मुकेश चौहान ने कहा कि यह मामला हमारे संज्ञान में आया है। इसकी जांच करवा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।







