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चन्नी के शक्ति प्रदर्शन बाद वड़िंग की साइलेंट डिप्लोमेसी:लगातार नेताओं से मुलाकात कर संगठन में संतुलन साधने की कोशिश, मुस्तफा ने इस्तीफा भी मांगा




पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले अंदरूनी सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के शक्ति प्रदर्शन के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपनी ‘साइलेंट डिप्लोमेसी’ के जरिए जवाबी रणनीति शुरू कर दी है। चन्नी के शक्ति प्रदर्शन के तुरंत बाद राजा वड़िंग ने खन्ना में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शमशेर सिंह दूलो के आवास पर पहुंचकर उनसे करीब 45 मिनट तक बंद कमरे में मुलाकात की। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को अहम माना जा रहा है, क्योंकि दूलो को लंबे समय से चन्नी का धुर विरोधी माना जाता रहा है। वहीं, पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के पति मोहम्मद मुस्तफा ने भी राजा वड़िंग के इस्तीफे की मांग कर दी है। ऐसे चला मुलाकातों का दौर चन्नी के शक्ति प्रदर्शन के बाद राजा वड़िंग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। वह अब संगठन के वरिष्ठ नेताओं से लगातार मुलाकात कर समर्थन जुटाने में लगे हैं। शनिवार को उन्होंने मीडिया के सामने चन्नी समेत सभी वरिष्ठ नेताओं की प्रशंसा करते हुए कांग्रेस में एकजुटता का दावा किया। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद शमशेर सिंह दूलो से मुलाकात की और उनकी खुलकर सराहना की। इसके बाद उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री राणा के.पी. सिंह से भी मुलाकात की। इसके अलावा वड़िंग ने पटियाला क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं हरदयाल कंबोज, जसबीर सिंह गिल और कुलदीप वैद्य से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों की तस्वीरें उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया पर साझा कीं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वड़िंग जट्ट सिख सहित विभिन्न वर्गों के प्रभावशाली नेताओं को साथ जोड़कर संगठन में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इन नेताओं को चन्नी के संभावित राजनीतिक संतुलन के रूप में भी देखा जा रहा है।
मुस्तफा ने लैटर पर यह पांच चीजें कही हैं पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व संकट: पत्र में कहा गया है कि मोरिंडा की बैठक और मौजूदा विवाद शीर्ष नेतृत्व के फैसलों में देरी और कमजोर निर्णय क्षमता का नतीजा हैं। राजा वड़िंग से इस्तीफे की मांग: संगठन को मजबूत करने के लिए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटकर हाईकमान को आगे का फैसला लेने देना चाहिए। योग्यता के आधार पर नया अध्यक्ष: यदि नया PCC अध्यक्ष बनाया जाए तो उसका चयन किसी गुट को खुश करने के बजाय केवल योग्यता और संगठन चलाने की क्षमता के आधार पर होना चाहिए। अनुशासन और सख्त कार्रवाई की मांग: पत्र में हाईकमान से कहा गया है कि पार्टी पर दबाव बनाने या संगठन को नुकसान पहुंचाने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए और अनुशासन कायम किया जाए। राहुल गांधी से निर्णायक हस्तक्षेप की अपील: लेखक ने राहुल गांधी से जल्द और सख्त फैसला लेने की अपील करते हुए कहा है कि देर होने से पहले पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएं।



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