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गुरुग्राम नगर निगम ने तकनीकी धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन के आरोप में चार अनुबंधित कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। ये कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से कार्यरत थे। निगम प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने बताया कि बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में से दो स्वच्छता शाखा (सैनिटेशन ब्रांच) से और दो संपत्ति कर शाखा (प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच) से हैं। संपत्ति कर शाखा के कर्मचारियों पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन न करने और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं। तकनीकी हेराफेरी का चौंकाने वाला मामला स्वच्छता शाखा में तकनीकी हेराफेरी के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। बर्खास्त कर्मचारियों में वसीम और सोनू शामिल हैं। वसीम ने सफाई से जुड़ी शिकायतों के निपटारे में गड़बड़ी करते हुए कूड़े की समस्या को मौके पर सुलझाने के बजाय, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर तस्वीरों में बदलाव किया और उन्हें अधिकारियों को भेजा। वहीं, झज्जर के रहने वाले सोनू ने जीपीएस स्पूफिंग तकनीक का दुरुपयोग किया। उसने जियो-फेंसिंग को तोड़ने की कोशिश की, ताकि वह झज्जर में बैठे-बैठे ही गुरुग्राम के कार्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सके। मेटाडेटा में बदलाव के ट्रैक होने से पकड़ा गया कर्मचारी निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि निगम के पास ऐसे सॉफ्टवेयर हैं जो एआई के गलत इस्तेमाल और मेटाडेटा में होने वाले बदलावों को तुरंत ट्रैक कर लेते हैं, जिससे यह धोखाधड़ी उजागर हुई। इसके अतिरिक्त, शिकायतों के निवारण की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग की क्विक रिस्पांस टीमें (QRTs) मौके पर जाकर रैंडम सैंपल चेकिंग और फिजिकल वेरिफिकेशन भी करती हैं। इस पूरे मामले में सरकारी दायित्वों के अनुसार स्पीकिंग ऑर्डर पारित कर रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए HKRN को भेज दी गई है।
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गुरुग्राम नगर निगम के चार कर्मचारी बर्खास्त:AI का गलत इस्तेमाल किया, जीपीएस स्पूफिंग तकनीक का दुरुपयोग, अफसरों को भेजे फोटो







