spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

चन्नी गुट की हाईकमान को चुनौती, कहा राजा वड़िंग पंजाब कांग्रेस प्रधान नामंजूर




चंडीगढ़ | जब हाईकमान को लगा था कि कमेटियों के गठन से मामला सुलझ गया है, तभी चन्नी के इस शक्ति प्रदर्शन से दिल्ली दरबार हैरान और नाराज है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल को तुरंत डैमेज कंट्रोल का जिम्मा सौंपा है। बघेल जल्द ही पंजाब का दौरा कर असंतुष्ट नेताओं और चन्नी से मिलकर विवाद को शांत करने का प्रयास करेंगे और हाईकमान को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। गौरतलब है कि 2021 में दलित वर्ग के वोट बैंक को साधने के लिए हाईकमान ने चन्नी को सीएम बनाया था। पंजाब में दलित आबादी का बहुत बड़ा हिस्सा है और यह वर्ग चन्नी के साथ खड़ा है। चन्नी और उनके समर्थकों को लगता है कि इसी वर्ग के दम पर 2027 का चुनाव जीता जा सकता है, इसलिए वे हाईकमान को अपनी ताकत का अहसास कराकर फैसले को बदलवाना चाहते हैं। इतिहास गवाह, अंदरूनी खींचतान ले डूबती है कांग्रेस को: पंजाब कांग्रेस का इतिहास रहा है कि चुनाव से ठीक पहले यहां अंदरूनी कलह चरम पर पहुंच जाती है। पहले ‘कैप्टन बनाम सिद्धू’, फिर ‘सिद्धू बनाम चन्नी’ और अब ‘चन्नी बनाम हाईकमान’ की यह नई जंग साफ करती है कि पंजाब में कांग्रेस का सिंहासन बगावत के कांटों से मुक्त नहीं हो पा रहा है। अब देखना होगा कि बघेल इस संकट का क्या तोड़ निकालते हैं। भास्कर इनसाइट हाईकमान की निरंतर कोशिशों के बावजूद पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। 1 जुलाई को अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने और कमेटियों के गठन के फैसले के खिलाफ अब पूर्व सीएम और जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, 3 मौजूदा विधायकों और 74 हलका इंचार्ज का बड़ा जमावड़ा हुआ। बंद कमरे में हुई इस मीटिंग के बाद चन्नी गुट ने दोटूक कहा कि उन्हें राजा वड़िंग मंजूर नहीं हैं और हाईकमान इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार (रिकंसीडर) करे। बैठक के बाद वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि हाईकमान द्वारा जारी सूची पंजाब के लोगों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं के अनुरूप नहीं है। हमारी दिल्ली नेतृत्व से कोई लड़ाई नहीं है, लेकिन अगर 2027 में सरकार बनानी है, तो लोगों की राय माननी होगी।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles