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ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने 1 जुलाई, 2026 से स्टूडेंट वीजा आवेदन शुल्क 25% बढ़ाकर 2,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 1.64 लाख रुपए) कर दिया है। इससे पहले यह शुल्क 2,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 1.44 लाख रुपए) था। आवेदन शुल्क के अलावा बायोमेट्रिक फीस जोड़ने पर भारतीय छात्रों को कुल आवेदन लागत लगभग 1.70 लाख रुपए तक पड़ेगी। इसका पंजाबियों पर सबसे ज्यादा असर होगा। ऑस्ट्रेलिया ने यह फैसला देश की अर्थव्यवस्था में नौकरी संकट से निपटने के लिए लिया है। 2 साल में छात्र वीजा आवेदन में गिरावट आई ऑस्ट्रेलिया के वित्त मंत्रालय के अनुसार, 2024-25 में 48,536 भारतीय छात्रों को वीजा मिला। जबकि, एक साल पहले यह संख्या 50,516 थी। 2022-23 में 1,02,696 और 2023-24 में 50,516 भारतीय छात्रों को वीजा जारी किया गया। इससे साफ है कि वीजा शुल्क बढ़ने के बाद 2 से 3 साल तक छात्र वीजा की मांग में लगातार गिरावट दर्ज की गई। नॉन-रिफंडेबल वीजा आवेदन शुल्क भी बढ़ा ऑस्ट्रेलिया ने नॉन-रिफंडेबल वीजा आवेदन शुल्क भी 750 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 3.77 लाख रुपए) तक बढ़ा दिया है। कुछ ही महीनों में इसे और बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। लाखों नौकरियों पर भी पड़ेगा प्रभाव इसकी वजह छात्रों का मानना है कि यदि वे विदेश में कोई अच्छा ऑस्ट्रेलियाई कॉलेज, यूनिवर्सिटी या दूसरे देशों में रहकर पढ़ाई करते हैं तो ऑस्ट्रेलिया के करीब 55 अरब डॉलर (ऑस्ट्रेलियन इकोनॉमी) में उनका बड़ा योगदान रहेगा और इससे लाखों नौकरियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
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ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई महंगी, पंजाबियों पर ज्यादा असर:स्टूडेंट वीजा फीस 25% बढ़ी; एक आवेदन के करीब ₹1.64 लाख लगेंगे







